कुख्यात नक्सली की गुहार :तड़पा- तड़पकर क्यों मार रहे सरकार , मुझे फांसी दे दीजिये

 जिसके नाम से सरकार तक हो जाती थी परेशान ,जेल में पड़ा हैं लाचार

>> कार्रवाई नही होने पर भूख हड़ताल व कोर्ट बहिष्कार करने का दिया हैं चेतावनी

>> आंखों की रौशनी ,जोड़ो का दर्द की शिकायत ,उचित इलाज की मांग

>> जहानाबाद जेल ब्रेक सहित दो दर्जन मामले में बीते 13 वर्षों से बेऊर जेल में हैं बंद

>> त्वरित निष्पादन के लिए जेल में बनाया गया है स्पेशल कोर्ट

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । बिहार सहित राजधानी से बड़ी खबर आ रही हैं । जिस कुख्यात नक्सली का नाम सुनकर सरकार तक परेशान हो जाती थी, आज वह कुख्यात नक्सली अजय कानू उर्फ रवी जी ने कोर्ट सहित आला अधिकारियों को पत्र लिखकर गुहार लगाया हैं की रोज-रोज की पड़तारना से अच्छा हैं मुझे फांसी दे दिया जाएं । अन्यथा किसी भी समय से अनिश्चित कालीन भूख हड़ताल पर चले जाएंगे एवं हमेशा के लिए कोर्ट का बहिष्कार करेंगे ।
कुख्यात नक्सली अजय कानू द्वारा दिनांक बीते 4 सितंबर 2019 को लिखे गये पत्र पर गौर करे तो बताया गया हैं की बीते 4 फरवरी 2007 से आदर्श केंद्रीय कारा बेऊर, पटना में बंद हैं । मेरे मामले का त्वरित निष्पादन के लिए सरकार ने दिनांक 17 /10/2012में जेल में ही स्पेशल कोर्ट का गठन कर दिया ।  हालत यह हैं की स्पेशल कोर्ट का गठन से पहले पटना ,जहानाबाद, गया स्थित कोर्ट में तेज गति से मामले का निष्पादन हो रहा था लेकिन जब से स्पेशल कोर्ट का गठन हुई ट्रायल की गति धीमी कर दी गयी । स्पेशल पीपी पर गंभीर आरोप लगाया हैं की कोर्ट की तारीख पर नही आते हैं ।
अजय कानू उर्फ रवी जी ने अपने आवेदन में सुप्रीम कोर्ट के पारित निर्णय का भी हवाला दिया हैं की जेल में बंद आरोपी के मामले का त्वरित रूप से निष्पादन करने की मांग करना बंदी का मौलिक अधिकार हैं ,इससे वंचित नही किया जा सकता ।
   मालूम हो की कुख्यात अजय कानू को छोड़ाने के लिए नक्सलियों ने बीते 15 नवंबर 2005 की रात जहानाबाद जेल ब्रेक को अंजाम देकर देश-दुनिया में छा गये थे।इस जेल ब्रेक में रणवीर सेना के बडे शर्मा सहित जेल पुलिस की हत्या कर दी गयी थीं एवं हथियारों को लूट लिया गया था।
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