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योगी ने कहा इंतजार करिये, अभी कुछ और कांग्रेसियों की पोल खुलने वाली है

नई दिल्ली। यूपी में सोनभद्र के उम्भा गांव में गत दिनों जमीन के लिए नरसंहार हो गया था। कई परिवार तबाह हो गए और उस मुद्दे पर सियासत भी शुरू हो गई। उस समय योगी सरकार बैकफुट पर थी। सरकार की तरफ से शुरुआती प्रतिक्रिया भी आई और उम्भा की घटना के लिए कांग्रेस और सपा के कुकृत्यों को जिम्मेदार बताया गया।

योगी आदित्यनाथ ने सिलसिलेवार बताया कि किस तरह विवादित जमीन की खरीदफरोख्त कई दफे की गई और यह सबकुछ कांग्रेस के शासन के दौरान ही हुआ था। योगी सरकार ने सोनभद्र की जमीनों की जांच के लिए समिति बनाई और अब उसकी रिपोर्ट सामने है।

उन्होंने कहा कि सोनभद्र में सरकार एक लाख बीखा जमीन को कब्जामुक्त कराने जा रही है। बड़ी बात ये है कि ज्यादातर जमीनों पर कांग्रेस नेताओं का कब्जा है। देश में जब जमींदारी का खात्मा हुआ उस समय कांग्रेस के नेताओं ने सोसाइटीज का गठन किया और जमीन ट्रांसफर करा लिया। मामले की तह तक जाने के लिए समिति बनाई गई है और उसकी रिपोर्ट तीन महीने के अंदर आ जाएगी और कांग्रेस नेता खुद ब खुद बेनकाब हो जाएंगे।

मिर्जापुर के एक कांग्रेस नेता का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि उनकी फर्जी सोसाइटी के नाम पर करीब 6 हजार एकड़ जमीन है। इसकी जांच के लिए तत्कालीन सीएम हेमवती नंदन बहुगुणा ने एक कमेटी का गठन किया था। इस कमेटी को खासतौर पर विंध्य क्षेत्र के जमीनों की पड़ताल की जिम्मेदारी दी गई। कमेटी की रिपोर्ट भी आई। लेकिन अफसोस की बात ये है कि उस पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने कहा कि करीब एक लाख बीघा जमीन जो खाली होगी उसे वन विभाग को वापस कर दिया जाएगा। इसके साथ ही सरकार की योजना है कि आदिवासियों को ग्राम सभा की जमीन दे दी जाएगी।

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