इमरान खान के पार्टी के नेता ने मांगी भारत में शरण, कहा जबरन इस्लाम धर्म कबूल कराया जा रहा

नई दिल्ली: पाकिस्तान का दोहरा चेहरा एक बार फिर बेनकाब हो गया है। एक तरफ पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान भारत में अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर गलत बयानबाजी करते हैं तो वहीं, अब एक बार फिर उनको इसी मुद्दे पर अपने घर में ही घिरना पड़ा है। असल में इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के नेता बलदेव कुमार ने भारत में राजनीतिक शरण की मांग की है। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान में उनकी जान को खतरा है इसलिए भारत में उन्हें राजनीतिक शरण दी जाए। बता दें कि बलदेव कुमार बीतें दो दिनों से पाकिस्तान से भारत आ गए हैं और पंजाब के लुधियाना में रह रहे हैं।

‘जबरन इसलाम धर्म कबूल करवाया जा रहा’
बलदेव कुमार ने कहा है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक महफूज नहीं हैं। पूर्व विधायक और पीटीआई नेता ने कहा कि पाकिसतान में हिंदुओं और सिखों की स्थिति ठीक नहीं है, उन्हें जबरन इसलाम धर्म कबूल करवाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाते हुए कहा कि कुछ दिन पूर्व पाकिस्तान में एक विधायक की गोली मारकर हत्या कर दी गई।

हिंदू और सिखों को बनाया जा रहा निशाना
पीटीआई नेता ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों की स्थिति बहुत खराब है। उन्होंने कहा कि वहां पर हिंदू और सिखों को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। उनके साथ गलत व्यवहार किया जा रहा और उनको जबरन परेशान किया जाता है। बलदेव कुमार ने कहा कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को जबरन इस्लाम धर्म कबूल करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।

‘नहीं जाना चाहता पाकिस्तान’
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) नेता बलदेव कुमार ने कहा वह भारत में राजनीतिक शरण चाहते हैं। उन्होंने अपनी जान को खतरा बताते हुए कहा कि वह अब लौटकर पाकिस्तान दोबारा नहीं जाना चाहते हैं। बता दें कि पाकिस्तान में लगातार अल्पसंख्यकों की स्थिति को लेकर सवाल उठते रहते हैं। अमूमन हर रोज पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों पर अत्याचार की खबरें आती रहती हैं।

इमरान हैं कि मानते नहीं
बलदेव कुमार के बयान से पाकिस्तान सरकार के मुखिया इमरान खान को एक बार शर्मिंदा होना पड़ा है। इमरान खान और उनकी सरकार का सच एक बार फिर दुनिया के सामने आ गया है कि पाकिस्तान में किस तरह अल्पसंख्यकों पर जुर्म ढहाया जा रहा है। बता दें कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को जबरन इस्लाम धर्म कबलूवाने का मुद्दा कोई नया नहीं है। पहले भी पाकिस्तान में अल्पसंख्यकों को इस्लाम धर्म कबूलवाने के लिए मजबूर किया जाता रहा है।

गौरतलब है कि अभी हाल ही में सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ था जिसमें एक सिख लड़की को जबरन पाकिस्तान में इस्लाम धर्म कबूल गय था। वीडियो वायरल होने के बाद सरकार को मामले में हस्तक्षेप करना पड़ा था। इसके बावजूद लड़की को अभी तक रिहा नहीं किया गया,जबकि पाकिस्तान सरकार लगातार झूठ बोल रही है कि लड़की को रिहा कर दिया गया है।
अब सवाल उठता है कि क्या इमरान खान सरकार का यही नया पाकिस्तान है जहां अल्पसंख्यकों पर जुर्म ढहाया जा रहा है। हिंदू और सिख समुदाय के लोगों का जीना हराम कर दिया गया है।

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