PoK को लेकर मुश्किल में पाकिस्तान, उठी आजादी की मांग, गिरफ्तार किए गए 22 लोग

कश्मीर मुद्दे से बौखलाए पाकिस्तान प्रधानमंत्री इमरान खान की मुसीबतें बढ़ती ही जा रही हैं। जो इमरान खान कश्मीर के लोगों के लिए परेशान दिखाई दे रहे थे और वहां मानवाधिकारों के उल्लंघन की बात कर रहे थे, अब वो पीओके को लेकर फंसते जा रहे हैं। बता दें कि गुलाम कश्मीर (POK) में उठी आजादी की मांग ने इमरान सरकार के सिरदर्द को और बढ़ा दिया है।

दरअसल PoK में आजादी की मांग उठ गई है, यहां के लोगों की आजादी को लेकर लगातार आवाज बुलंद हो रही है, जिससे इमरान सरकार की नाक में दम हो रखा है। लोगों के प्रदर्शन को दबाने के लिए आजादी की मांग कर रहे 22 लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।जानकारी अनुसार इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों में हिंसक झड़प भी देखने को मिली। यह झड़प शनिवार को मुजफ्फराबाद में नियंत्रण रेखा के करीब देखने को मिली।

इतना ही नहीं पीओके में सेना के अत्याचार के खिलाफ जब लोग सड़कों पर उतरे तो उनकी आवाज दबाने के लिए उन पर लाठियां बरसाई गईं और उन्हें बुरी तरह पीटा गया। कश्मीरियों और सुरक्षा बलों के बीच तीखी झड़प हुई जिसमें कई प्रदर्शनकारी गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके बाद पुलिस ने 22 लोगों को गिरफ्तार कर लिया। विरोध स्थल पर मौजूद जेकेएलएफ के एक वरिष्ठ नेता तौकिर गिलानी ने कहा कि जेकेएलएफ के 40 से अधिक सदस्यों को रातोंरात गिरफ्तार कर लिया गया है और उन पर दबाव बनाया जा रहा है कि वे अपना विरोध खत्म करें।

पाक अधिकृत कश्मीर की राजधानी मुजफ्फराबाद से 80 किमी दूर तात्रिनोट गांव में स्थानीय लोगों ने प्रदर्शन किया। इस इलाके में मोबाइल फोन सेवाएं भी बंद कर दी गई हैं। जिला पुलिस प्रमुख ताहिर महमूद कुरैशी ने बताया कि शनिवार से शुरू हुए प्रदर्शन सोमवार को भी जारी रहे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी निर्धारित स्थान से बाहर जा रहे थे इसलिए उन्हें रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े गए। बता दें कि पीओके में पाकिस्तानी सेना की बढ़ती मौजूदगी को लेकर आक्रोशित हैं और सड़कों पर विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं।

मानवाधिकार कार्यकर्ता आरिफ अजाकिया ने कहा, पाकिस्तान ने लोगों को सड़कों पर उतरने पर मजबूर कर दिया है। मुहर्रम के नाम पर इंटरनेट और मोबाइल फोन सेवा एलओसी के 10 किमी के दायरे में बंद कर दी गई है।

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