पहले सर्वर, अब टाइम स्लॉट की दिक्कत…कैसे बने डीएल!

जुर्माने के डर से आवेदक तो तैयार, पर विभाग लाचार

राजधानी सहित आसपास के जनपदों में पूरे दिन बाधित रहा सारथी फोर सर्वर

टीपीनगर कार्यालय में आठ नवंबर तक स्लॉट फुल, स्कूू्रटनी व बॉयोमीट्रिक के लिए कर्मियों की कमी

लखनऊ। वाहन चेकिंग के दौरान भारी-भरकम जुर्मान के खौफ ने डीएल बनवाने वाले लोगों को बरबस ही राजधानी के आरटीओ व एआरटीओ कार्यालयों की तरफ जाने को मजबूर कर दिया है। नतीजतन, बड़ी संख्या में  शहर के विभिन्न क्षेत्रों से डीएल प्रक्रिया को पूरा कराने के लिए टीपीनगर और देवां रोड कार्यालय पहुंच रहे हैं। मगर यहां पर आलम यह है कि आॅनलाइन फीस जमा होने के बाद भी आवेदकों की डीएल बनवाने की प्रक्रिया पूरी नहीं हो पा रही है। बुधवार को तो स्थिति यह रही कि राजधानी के उपरोक्त दोनों कार्यालयों में ही नहीं बल्कि बाराबंकी सहित आसपास व दूरदराज के तमाम आरटीओ-एआरटीओ कार्यालयों में पूरे दिन सारथी फोर सर्वर बुरी तरह बाधित रहा। ऐसे में डीएल प्रक्रिया आगे बढ़ ही नहीं पायी। वहीं अब सीमित टाइम स्लॉट ने आवेदकों के समक्ष एक और समस्या खड़ी कर दी है। ट्रांसपोर्टनगर और देवां रोड कार्यालयों में रोजाना अभी तक मिलाकर तकरीबन 400-450 डीएल के लिए टाइम स्लॉट रोजाना एलॉट किये जाते रहें, मगर जब चेकिंग के चलते आवेदकों की संख्या बढ़ने लगी तो 50 टाइम स्लॉट बढ़ाया गया। मगर इसके बावजूद आवेदकों की डीएल संबंधी समस्या का हल नहीं निकल पा रहा है। अभी तो स्थिति यह है कि लर्निंग लाइसेंस के लिए टीपीनगर कार्यालय के लिए अगले दो माह तक कोई टाइम स्लॉट खाली नहीं है।

विभागीय जानकारों का तो यहां तक कहना है कि अभी तक केवल लखनऊ जनपद के ही निवासी दोनों कार्यालयों में डीएल के लिये आवेदन करते रहें। लेकिन नये एमवी एक्ट के तहत अब दूसरे जनपदों के भी आवेदक पता परिवर्तन की आॅनलाइन प्रक्रिया पूरी करके राजधानी में डीएल बनवाने के लिये प्रयासरत रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ जब से डीजीपी ओपी सिंह ने स्पष्टत: यह निर्देशित कर दिया है कि अगर चेकिंग के दौरान किसी पुलिस वाले के वाहन संचालन में कोई कमी पायी गयी तो उससे संबंधित जुर्माना राशि का दूना रकम वसूला जायेगा। इसके बाद तो जैसे बड़ी संख्या में पुलिस वाले भी राजधानी के इन दोनों कार्यालयों में डीएल की प्रक्रिया पूरी करवाने के लिए अधिक संख्या में पहुंच रहे हैं।

‘लखनऊ सहित कई जनपदों में सर्वर की समस्यायें रहीं जिसे अविलंब दूर करने की कोशिश की जा रही है। राजधानी के कार्यालयों में डीएल संबंधी प्रक्रिया पूरा करने वाले कर्मियों की कमी को शीघ्र ही पूरा किया जायेगा। जल्द ही स्लॉट भी बढ़ाया जायेगा और कर्मचारियों की संख्या भी बढ़ायी जायेगी। ’

-वीके सिंह, एडिशनल टीसी आईटी सेल, मुख्यालय

 

‘50 टाइम स्लॉट बढ़ाया गया है, मगर काउंटर के साथ कर्मियों की भी कमी है। ऐसे में और अधिक स्लॉट बढ़ाया गया तो
लोगों की संख्या बढ़ेगी जबकि मानव संसाधन की कमी है। स्कू्रटनी और बॉयोमीट्रिक के लिए भी कर्मचारी चाहिये जिसके लिए मुख्यालय आईटी सेल को पत्र भेज दिया है। जल्द ही आवेदकों की समस्यायें दूर होंगी।’

-रामफेर द्विवेदी, आरटीओ लखनऊ संभाग

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