यातायात कानून: दिल्ली-यूपी समेत कई राज्य भारी जुर्माने से देंगे राहत

नई दिल्ली। नए यातायात कानून में भारी जुर्माने के खिलाफ कई राज्यों में विरोध के आवाज बुलंद हुई है। पश्चिम बंगाल सरकार ने इस कानून लागू करने से ही इनकार कर दिया है तो वहीं, दिल्ली, यूपी, महाराष्ट्र व राजस्थान समेत कई सूबे जुर्माना घटाने की तैयारी कर रहे हैं। उधर, गुजरात के बाद एक और भाजपा शासित राज्य उत्तराखंड ने जुर्माने में कटौती की घोषणा की है।

दिल्ली सरकार जुर्माना घटाने की तैयारी में
दिल्ली सरकार भी नए कानून की समीक्षा कर रही है। राज्य के परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत ने बुधवार को कहा कि हम इसका अध्ययन कर रहे हैं। गहलोत ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम में कुल 61 मामलों में चालान राशि बढ़ाई गई है। 27 मामलों में राज्य सरकार बदलाव नहीं कर सकती। इन सभी का चालान सीधे अदालत में जाएगा जबकि 37 मामले ऐसे हैं जिनमें मौके पर चालान की व्यवस्था है, उसमें बदलाव करने का अधिकार राज्य सरकार के पास है।

राजस्थान में भी अटका
राजस्थान भी नए कानून की समीक्षा कर रहा है। राज्य के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह ने कहा कि जल्द बदलाव करेंगे और गुजरात से भी कम जुर्माना वसूला जाएगा।

यूपी सरकार रियायत देगी
यूपी सरकार जुर्माने से जुडे़ कई प्रावधानों में राहत देगी। परिवहन अफसरों ने बताया कि सीट बेल्ट, हेलमेट न पहनने जैसे प्रावधानों में राहत नहीं मिलेगी लेकिन मौके पर डीएल न होने और भूलवश नियमों के उल्लंघन पर थोड़ी राहत दी जाएगी।

उत्तराखंड में जुर्माना घटा
उत्तराखंड सरकार ने जुर्माने की राशि में भारी कटौती की है। अब बिना लाइसेंस वाहन चलाने पर 2500 जुर्माना देना होगा, पहले यह पांच हजार रुपये था। इसी तरह 16 मामलों में जुर्माना कम किया गया है। मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में कैैबिनेट बैठक में यह फैसला हुआ।

केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी के अनुसार, राज्य चाहें तो जुर्माने में बदलाव कर सकते हैं लेकिन लोगों का जीवन सुरक्षित होना चाहिए। लोगों को कानून का सम्मान करना चाहिए और उनमें कानून का डर भी होना चाहिए।

बंगाल : लागू नहीं करेंगे
राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने बुधवार को ऐलान किया कि नया मोटर व्हीकल ऐक्ट पश्चिम बंगाल में लागू नहीं होगा। उन्होंने कहा कि यह कानून बहुत सख्त है और राज्य की जनता पर बोझ की तरह है।

महाराष्ट्र : गडकरी को पत्र
महाराष्ट्र सरकार ने केंद्रीय परिवहन मंत्री को पत्र लिखकर जुर्माना घटाने की मांग की है। राज्य के परिवहन मंत्री दिवाकर रावते ने कहा कि जब तक हमें जवाब नहीं मिलेगा, तब तक हम नया जुर्माना लागू नहीं करेंगे।

ओडिशा : सरकार समय दे
मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा है कि नए प्रावधान लागू करने के लिए लोगों को तीन माह का समय दिया जाना चाहिए। उन्होंने राज्य के अफसरों को निर्देश दिए कि लोगों को बेवजह परेशान न किया जाए।

अधिसूचना जल्द
परिवहन मंत्री ने कहा कि सभी एजेंसियों के साथ चर्चा कर रहे हैं। सबकुछ ठीक रहा तो जल्द ही अधिसूचना जारी कर दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा पहली प्राथमिकता है लेकिन लोगों को भी दिक्कतें नहीं होनी चाहिए।

अभी अदालत में भरना पड़ रहा चालान
दिल्ली सरकार ने नए कानून के तहत अधिसूचना जारी नहीं की है। इसके चलते मौके पर जुर्माना नहीं वसूला जा सकता है। चालान तो काटे जा रहे हैं मगर हेलमेट, सीट बेल्ट जैसे चालान का जुर्माना भरने के लिए चालकों को कोर्ट जाना पड़ रहा है। अधिसूचना जारी करने तक यही व्यवस्था लागू रहेगी।

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