लखनऊ

कार बुक कराकर ड्राइवर की हत्या कर कार लूटने वाले गैंग का भंडाफोड़, तीन गिरफ्तार

लखनऊ। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक लखनऊ कलानिधि नैथानी द्वारा अपराध एवं अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सरोजिनी नगर थाने पर दर्ज अपहरण के मुकदमे में क्राइम ब्रांच लखनऊ और सरोजिनी नगर पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कार बुक करा कर ड्राइवर की हत्या कर लूट करने वाले गैंग का खुलासा करते हुए तीन अभियुक्तों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। जबकि इस गैंग में शामिल तीन अभियुक्त अभी फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पकड़े गए अभियुक्तों के कब्जे से एक तमंचा दो जिंदा कारतूस, लूटी हुई 2 कार, घटना में प्रयुक्त एक पल्सर मोटरसाइकिल और एक चोरी की बाइक, 4 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं।   एसएसपी लखनऊ ने बताया कि गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों ने पूछताछ में अपना नाम देशराज सिंह उर्फ पंकज उर्फ छोटू निवासी सडौली रसड़ा बलिया, कमल मिश्रा निवासी चांदपुर भांवरकोल जिला गाजीपुर और मिथिलेश पांडेय निवासी बलेसरी भांवरकोल गाजीपुर बताया। एसएसपी ने अभियुक्तों की गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम को उत्साहवर्धन के लिए 25000 रुपये नगद पुरस्कार की घोषणा की है।

एसएसपी ने बताया कि अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया कि 15 जुलाई को सुबह करीब 3:40 बजे पॉलिटेक्निक चौराहे से हम तीनों कमल पंकज उर्फ छोटू तथा दो अन्य दोस्त मोनू यादव व शरद सिंह पाटिल ने वहां खड़ी होंडा इमेज को फैजाबाद चलने के लिए 4000 रुपये में बुक कराया था तथा देवा रोड पहुंचते-पहुंचते एक सुनसान स्थान पर पेशाब के बहाने गाड़ी रुकवा कर वहीं पर पहले से लिए रस्सी से चालक शुभम पांडे का गला कसकर हत्या कर शव को इंदिरा नहर में फेंक कर सुल्तानपुर के रास्ते गाड़ी लेकर बनारस होते हुए पहले से तय प्लान के तहत मिथिलेश पांडे को गाड़ी बेचने के लिए गाजीपुर जाकर हम वापस लखनऊ चले आए। बाद में मिथिलेश सोनू यादव के चाचा मनोज यादव से मिलकर 2 लाख में गाड़ी बलिया के खजुरी निवासी शराब व्यवसाई अतुल को 60 हजार एडवांस लेकर बेच दिया था। बाद में जब और पैसा हमने मांगा तो पता चला कि 4 अगस्त को गाड़ी खजूरी में एक्सीडेंट में पकड़ गई और एक्सीडेंट के अलावा शराब के अन्य मामले में अतुल सिंह जेल जा चुके हैं। तो इस डर से भेद न खुल जाए मोनू यादव व शरद सिंह पाटिल करीब 10 दिन पहले ही महाराष्ट्र भाग गए और हम भी किसी को लूट कर के कुछ पैसों का इंतजाम कर बाहर भागने की फिराक में थे तभी पुलिस टीम ने धर दबोचा।

एसपी क्राइम ने बताया कि पूछताछ में अभियुक्तों ने बताया 26 अगस्त को 9:30 बजे रात में छोटू सिंह कमल मिश्रा व मोनू यादव से मिलकर पॉलिटेक्निक चौराहे की एक टीयूवी गाड़ी बहराइच के लिए बुक करा कर इंदिरा नहर के पास चालक को मारपीट कर बंधक बनाकर नहर के किनारे धक्का देकर गाड़ी लेकर जनपद अंबेडकरनगर चले गए। यहां अचानक गाड़ी खराब हो जाने व पुलिस वालों को आता देखकर डर से गाड़ी छोड़कर भाग गए थे। जिनमें अपहरण का मुकदमा चालक की हत्या कर शव इंदिरा नहर में फेंकी गई है अभियुक्तों के खिलाफ धारा के अतिरिक्त मुकदमे की धारा 302, 201, 394, 120बी, 411, 413 व 34 भादवि की बढ़ोतरी की गई है।थाना चिनहट के मुक़दमे में भी धाराओं की बढ़ोत्तरी की गई है।

पूछताछ करने पर अभियुक्तों ने बताया बिहार के शराब तस्कर द्वारा चोरी की लग्जरी गाड़ियों की मांग की गई। जिससे शराब तस्करी के दौरान पुलिस को शक न हो तथा शक होने पर गाड़ी मौके पर छोड़ी जाए। इस कारण ऐसी लग्जरी गाड़ियों की तलाश कर बुकिंग पर ले जाने के बहाने रास्ते में गाड़ी रोककर ड्राइवर की हत्या कर गाड़ी लूट कर ले जाकर गाड़ियों को ऐसे शराब तस्करों के पास बेच देते हैं।

पकड़ा गया अभियुक्त देशराज देशराज सिंह स्कूल ऑफ मैनेजमेंट साइंसेज कॉलेज लखनऊ से डिप्लोमा द्वितीय वर्ष का छात्र है। कमल मिश्रा श्रीराम चरण महाराजगंज महाविद्यालय से स्नातक का छात्र और मिथिलेश पांडे रसड़ा से पॉलिटेक्निक डिप्लोमा होल्डर है। अभी इस गैंग में शामिल तीन अभियुक्त मौके से फरार हैं। जिनकी तलाश में पुलिस दबिश दे रही है। पुलिस के मुताबिक मोनू यादव निवासी धौराहरा शिवपुरा बलिया, शरद सिंह पाटिल निवासी महाराष्ट्र, मनोज यादव निवासी धौरहरा शिवपुरा बलिया फरार हैं। जिनकी तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पकड़े गए अभियुक्तों के खिलाफ तीन मुकदमे सरोजिनी नगर थाने में दर्ज जबकि एक चिनहट में दर्ज है।

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