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यूपी में ’’सेफ सिटी परियोजना’’ के क्रियान्वयन में तेजी लाने के निर्देश

– वर्तमान वित्तीय वर्ष में परियोजना के लिए दिये गये 97.58 करोड़ रूपये
– अपर मुख्य सचिव, गृह ने किया 1090 का औचक निरीक्षण

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिलाओं की सुरक्षा में वृद्वि एवं उनके विरूद्व होने वाले अपराधों में प्रभावी कार्यवाही सुनिश्चित करने के लिए इस दिशा में किये जा रहे प्रयासों में और अधिक तेजी लाने के निर्देश दिये हैं। उन्होनें राजधानी लखनऊ को महिलाओं के लिये सुरक्षित शहर बनाने के लिए भारत सरकार के सहयोग से संचालित की जाने वाली ‘‘सेफ सिटी परियोजना’’ के क्रियान्वयन में भी और तेजी लाने के निर्देश दिये है।
इस कड़ी में अपर मुख्य सचिव, गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने शनिवार को वूमेन पावर लाइन (1090) का औचक निरीक्षण किया एवं केन्द्र पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था हेतु अपनायी जा रही प्रक्रिया की बारीकियों पर विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिये है कि 1090 में महिलाओं की आने वाली शिकायतों का तत्परता से निस्तारण सुनिश्चित किया जाये एवं उसकी नियमित रूप से समीक्षा कर प्रगति रिर्पोट शासन को भी प्रस्तुत की जाय। उन्होनें यह भी निर्देश दिये है कि 1090 की कार्यवाही के बाद भी न सुधरने वाले तत्वों के विरूद्व कड़ी विधिक कार्यवाही सुनिश्चित की जाये।
अवस्थी ने आज 1090 मुख्यालय पर अपर पुलिस महानिदेशक, अंजू गुप्ता, व अन्य वरिष्ठ अधिकारियों से ‘‘सेफ सिटी परियोजना’’ मे अब तक हुई प्रगति की विस्तार से जानकारी प्राप्त की। उन्होने इस कार्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देकर शीघ्र अतिशीघ्र क्रियान्वित किये जाने के लिए वर्तमान में चल रही कार्यवाही में और अधिक तेजी लाने के भी निर्देश दिये है। इस परियोजना के लिये सलाहकार की तैनाती तत्काल किये जाने हेतु आवश्यक औपचारिकताओं को भी शीघ्र पूर्ण किये जाने के लिए कहा गया है। इस अवसर पर गृह सचिव, भगवान स्वरूप भी मौजूद थे।
उल्लेखनीय है भारत सरकार के सहयोग से चलायी जाने वाली इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य सार्वजनिक स्थानों पर महिलाओं की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाना है। इसके लिये भारत सरकार द्वारा निर्भया कोष से 60 प्रतिशत व राज्य सरकार द्वारा 40 प्रतिशत धनराशि उपलब्ध करायी जायेगी। इसके तहत लखनऊ पुलिस एवं 1090 को और अधिक सुदृढ़ बनाया जायेगा। परियोजना की कुल स्वीकृत लागत 194-44 करोड़ रूपये है। वर्तमान वित्तीय वर्ष 2019-20 में केन्द्रांश एवं राज्यांश को मिलाकर इस परियोजना के लिए 97-58 करोड़ रूपये की धनराशि प्रदान की गई है तथा इसे लागू करने की जिम्मेदारी प्रदेश पुलिस को दी गई है।
इस परियोजना के तहत इन्टीग्रेटेड स्मार्ट कंट्रोल रूम, पीटीजेड सीसीटीवी कैमरों की स्थापना, वीडियों विश्लेषण एवं चेहरा पहचानने से संबंधित साफ्टवेयर, सोशल मीडिया विश्लेषण से संबंधित साफ्टवेयर, वृहद डाटा विश्लेषण से संबंधित साफ्टवेयर, पिंक आउटपोस्ट एवं पिंक दो पहिया एवं चार पहिया पेट्रोलिंग वाहन आदि की व्यवस्था की जानी है। इस परियोजना के तहत यूपी पुलिस लखनऊ में एकीकृत स्मार्ट कंट्रोल रूम की स्थापना करेगी जिसके साथ 1500 कैमरों के माध्यम से फीडबैक प्राप्त किया जायेगा। महिलाओं द्वारा शिकायत दर्ज कराने में सहायता के लिये जगह-जगह पर चौकिया पिंक आउट पोस्ट के रूप में स्थापित की जायेगी जो पूरी तरह महिला पुलिस द्वारा संचालित की जायेगी। महिलाओं में सुरक्षा का भरोसा पैदा करने के लिये महिला पुलिस की गश्त पिंक पेट्रोलिंग के रूप में होगी। इस परियोजना के तहत सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क भी स्थापित की जायेगी जिसमें काउन्सलर की भी तैनाती होगी।
अपर मुख्य सचिव, गृह ने औचक निरीक्षण के दौरान 1090 पर दर्ज शिकायतों में से कुछ में हुई कार्यवाही की हकीकत मौके पर परखी। मेरठ जिले में एक महिला द्वारा 12 सितम्बर को शिकायत की गई कि उसे गलत मैसेज भेजे जा रहे है जिस पर हुई काउन्सलिंग में अभियुक्त ने अपनी गलती मानी और भविष्य में न करने का आश्वासन दिया। इसका फीडबैक अगले दिन 13 सितम्बर को जब संबंधित महिला से ज्ञात किया तो उसने कार्यवाही पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए धन्यवाद दिया।
एक अन्य शिकायत मिर्जापुर जिले से प्राप्त हुई जहां एक महिला द्वारा 14 सितम्बर को प्रातः 1090 पर शिकायत की गई कि घरवाले मारपीट कर रहे है। इस पर 1090 द्वारा यूपी 100 को सूचना दी गई। पुलिस ने तत्काल मौके पर पहुंचकर मामले का निस्तारण कर प्रगति से 1090 को भी अवगत कराया। शिकायत कर्ता ने फीडबैक के दौरान पुलिस की त्वरित कार्यवाही पर धन्यवाद व्यक्त किया।
अलीगढ़ जिले में पति-पत्नी के बीच विवाद एवं मारपीट को लेकर 14 सितम्बर को प्रातः 1090 पर शिकायत प्राप्त हुई जिस पर 1090 द्वारा संबंधित थाने एवं जनपद के नियंत्रण कक्ष से संपर्क स्थापित कर शिकायत का निस्तारण कराया गया।
इस अवसर पर बताया गया कि इस वर्ष पहली जनवरी से 31 जुलाई, 2019 तक 1090 पर महिलाओं के द्वारा की गई शिकायतों के 1 लाख 62 हजार 334 मामले पंजीकृत किये गये जिनमें से 1 लाख 56 हजार 800 मामलों का निस्तारण किया गया जो लगभग 96 प्रतिशत है।

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