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एलयू न्यू कैंपस में लगेगी सम्राट विक्रमादित्य की मूर्ति

नव वर्ष चेतना समिति का प्रयास हुआ सफल, मासिक बैठक में लिये गये अहम फैसले

समिति के सचिव डॉ. सुनील अग्रवाल ने जानकारी दी कि नये सदस्यों व पदाधिकारियों की संभावित नवगठित टीम भी बनी

चेतना समिति की सहभागिता आगे शिक्षा, समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी होगी

लखनऊ। भारतीय नववर्ष (विक्रम संवत) के प्रति देश-प्रदेश के हर वर्ग के लोगों को अधिक से अधिक जागरुक और प्रेरित करने के वृहद उद्देश्यों की पूर्ति में लगी नव वर्ष चेतना समिति की सहभागिता आगे शिक्षा, समाज सेवा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी होगी। यह निर्णय गोमतीनगर में आयोजित हुई चेतना समिति की एक अहम बैठक में लिया गया। यही नहीं चेतना समिति के उत्तरोत्तर प्रयासों का यह सुखद परिणाम रहा कि लखनऊ विवि के जानकीपुरम न्यू कैम्पस में भारतीय नववर्ष के पथ प्रदर्शक सम्राट विक्रमादित्य की एक भव्य मूर्ति की स्थापना की जायेगी। वैसे बता दें कि इससे पहले भारतीय संस्कृति व सभ्यता के संवर्धन के मद्देनजर लविवि ओल्ड कैम्पस में छत्रपति शिवा जी महाराज की भव्य मूर्ति लगायी गयी थी। समिति के पदाधिकारियों के अनुसार सम्राट की जो भी मूर्ति लगेगी, उसके लिये लविवि प्रशासन जमीन मुहैया करायेगा जबकि इससे संबंधित अन्य आर्थिक भार का वहन चेतना समिति ही करेगी।

समिति के सचिव डॉ. सुनील अग्रवाल ने जानकारी दी कि इसी कड़ी में समिति में विभिन्न दायित्वों के साथ नये सदस्यों व पदाधिकारियों की संभावित नवगठित टीम भी बनी। मीडिया प्रभारी हेमेंद्र प्रताप व रोहित पांडेय ने संयुक्त रूप से जानकारी दी कि समिति के मुख संरक्षकों की टीम में रेखा त्रिपाठी, लविवि वीसी प्रो. एसपी सिंह और अध्यक्ष पद पर डॉ. गिरीश गुप्ता, उपाध्यक्ष की टीम में अभय सेठ, रंजना द्विवेदी, गिरीश सिन्हा, अजय सक्सेना, सुमित तिवारी, राधेश्याम सचदेवा, सह सचिव मनोज राज्यपाल, संगठन सचिव भुवनेश्वर, कोषाध्यक्ष ओमप्रकाश पांडेय, कार्यालय प्रभारी अरूण मिश्रा, प्रचार प्रमुख इं. अशोक सिंह, गृह प्रचार प्रमुख की जिम्मेदारी एसके त्रिपाठी को दी गई है। मीडिया प्रतिनिधि रवि गुप्ता ने बताया किा इसके साहित्य प्रकोष्ठ की टीम में डॉ. निवेदिता रस्तोगी, सर्वेश चंद द्विवेदी व गुंजन अग्रवाल जिनके संयुक्त देखरेख में समिति की पत्रिका नव चैतन्य का संचालन होता है। बैठक में प्रमुख रूप से शिक्षाविद् पवन सिंह सहित समाज के अलग-अलग क्षेत्रों के नागरिक व वरिष्ठ प्रतिनिधियों के अलावा कार्यकारिणी के अन्य सदस्य मौजूद रहें।

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