उत्तर प्रदेशहरदोई

जरा हमारी भी सुन लो सरकार क्या ऐसे ही मिलेगा शिक्षा का अधिकार

छात्रों का भविष्य अधर में कहां लगाये गुहार। स्कूल नहीं आते हैं टीचर कोई सुनने को नहीं तैयार

बिलग्राम हरदोई। । जिले की शिक्षा व्यवस्था में सुधार के कोई आसार नजर नहीं आ रहे हैं । अब तो छात्र खुद ही अपने पढाई को लेकर इतना परेशान हैं कि उन्हें सडकों पर उतर कर अपने लिए टीचर किताबों व अन्य जरूरी चीजों की सरकार से गुहार लगानी पड रही है। जिले में बने ज्यादातर राजकीय स्कूलों की हालत इतनी खराब है कि वहां पर छात्रों की जरूरी सहूलियात की चीजे भी उपलब्ध नहीं। कहीं स्कूल की बाउंड्री वॉल नहीं है तो कहीं स्कूल में बच्चे तो है पर अध्यापक नहीं है। और तो और बिलग्राम के अंतर्गत रहुला ग्राम में बने राजकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय का हाल ये है कि यहां पर 16 अगस्त से कोई अध्यापक नहीं है। इस स्कूल में कक्षा नौ और दस में कुल पच्चीस छात्र छात्राएं हैं। परंतु पढ़ाने वाला कोई नहीं है। यहां की प्रिसिंपल ममता राना का ट्रांसफर जिले के ही गैर तहसील में हो गया।और दुर्गागंज के उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में पढ़ा रहे अध्यापक अनिल यादव का रहुला में अटैचमेंट कर दिया गया। लेकिन उन्होंने 16 अगस्त को रहुला का स्कूल ज्वाइन तो कर लिया परंतु आज तक वो मेडिकल लीव पर हैं। स्कूल में गांव के ही युसुफ बच्चों की देखभाल करते हैं और छुट्टी होने पर स्कूल में ताला लगाते हैं। स्कूल में अपने बच्चों का दाखिला कराने वाले अभिभावक शराफत एवं राकेश का कहना है कि हमने अपने बच्चों का इस स्कूल में दाखिला दिला कर बहुत बड़ी भूल की है। अच्छा होता कुछ और मेहनत मजदूरी कर लेते तो अपने बच्चों का भी प्राइवेट स्कूल में एडमिशन करा लेते कम से कम ये दिन नहीं देखने पड़ते। अब आलम यह है कि यहां पर एडमिशन दिला कर हम घर के रहे न घाट के। ऐसी स्थिति में बच्चों का दूसरे स्कूल में दाखिला होने से रहा। और यहां पर पढ़ाई। लोगों की माने तो सुरक्षा की दृष्टि से भी ये स्कूल खतरे से खाली नहीं है क्योंकि ये स्कूल ऐसी जगह पर बना है जिसके आस पास काफी झाड़ियां है स्कूल में बाउंड्री वाल न होने से लोग इसके आसपास आज भी शौच कर जाते हैं। अभी हाल ही में रात के समय स्कूल का ताला तोडकर कोई चोर उसमें रखा गैस सिलेंडर उठा ले गया था जिसकी सूचना बताया गया है पुलिस को दे दी गई थी

कमरुल खान

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