पूरे दिल्ली के छात्रों को केजरीवाल सरकार लिया गोद, भरेगी सब की फीस

नई दिल्ली। दिल्ली की अरविंद केजरीवाल सरकार ने बुधवार को बड़ा फैसला लेते हुये घोषणा की है कि वह दिल्ली के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों की फीस भरेगी। इस योजना का लाभ सरकारी स्कूलों में अध्ययनरत 10वीं और 12वीं क्लास में पढ़ रहे बच्चों को मिलेगा। बता दें कि दिल्ली में सीबीएसई बोर्ड के लगभग 3.14 लाख विद्यार्थी हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि केजरीवाल सरकार इन सभी की जिम्मेदारी ले सकती है।

सीबीएसई के फीस बढ़ाने के बाद सरकार ने लिया था निर्णय
इससे पहले दिल्ली की केजरीवाल सरकार ने सरकारी स्कूलों और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के शुल्क का भुगतान करने की घोषणा की थी। दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने 14 अगस्त 2019 को यह घोषणा की थी। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के शुल्क बढ़ाने के बाद दिल्ली सरकार ने यह निर्णय लिया था।

मनीष सिसोदिया ने कहा था कि, ‘‘दिल्ली सरकार के स्कूलों और सहायता प्राप्त स्कूलों में छात्रों को सीबीएसई की कक्षा 10वीं और 12वीं की परीक्षा के लिए कोई शुल्क नहीं देना होगा और दिल्ली सरकार सभी श्रेणियों के छात्रों की परीक्षा फीस का पूरा खर्च वहन करेगी और सरकार इसके लिए काम कर रही है” उन्होंने कहा था कि दिल्ली सरकार शुल्क वृद्धि को वापस लेने के संबंध में सीबीएसई से विचार-विमर्श कर रही है।

सामान्य वर्ग के छात्रों के परीक्षा शुल्क में की गई है दोगुने की वृद्धि
उप मुख्यमंत्री सिसोदिया ने कहा था कि सीबीएसई का फैसला चाहे जो भी हो, किसी भी छात्र पर इस फीस वृद्धि का बोझ नहीं पड़ेगा क्योंकि सरकार इस खर्च को उठाएगी। खास बात यह है कि कक्षा 10वीं और 12वीं के सामान्य वर्ग के छात्रों के परीक्षा शुल्क में भी दोगुने की वृद्धि की गई है और अब उन्हें पांच विषयों के लिए 750 रुपए के स्थान पर 1500 रुपए देने होंगे।

एससी और एसटी वर्ग के छात्रों की परीक्षा फीस होगी 1200 रुपए
अनुसूचित जाति (एससी) और अनुसूचित जनजाति (एसटी) के छात्र 5 विषयों के लिए 375 रुपए परीक्षा फीस देते थे जिसे बढ़ाकर अगस्त में 1,200 रुपए कर दिया गया था।

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