7 दिन,8 हत्या … दहली राजधानी, हेलमेट बना अपराधियों का मुखौटा

लखनऊ। लखनऊ में बीते एक सप्ताह में लगातार ताबड़तोड़ आठ हत्याओं से राजधानी  दहल उठी है। हाईटेक पुलिस जहां एक ओर पूरी इमानदारी से वाहनों का चालान काटने में व्यस्त है,वहीं दूसरी ओर बेखौफ बदमाश भी पूरी मुस्तैदी से वारदात को अंजाम देने में मस्त है। आलम यह है कि बदमाश यातायात के नियमों को पालन कर वारदात को अंजाम देकर फुर्र हो जाते हैं। वहीं  दिनभर की वाहन चेकिंग में थकीहारी पुलिस  सिर्फ लकीरें पीटती रहती है। बीते एक सप्ताह में हुई आठ हत्याओं में से पुलिस नाममात्र आरोपियों को गिरफ्तार कर पीठ थपथपा रही है। जबकि जघन्य अपराधी वारदात को अंजाम देकर हाईटेक पुलिस से कोसों दूर  कानून की खिल्ली उड़ा रहे हंै।
गौरतलब हो कि गत 15 सितंबर रविवार पुराने शहर के संवेदनशील इलाके में सुमार सआदतगंज थाना क्षेत्र में एक 6 वर्षीय मासूम बच्ची की अगवा कर दुष्कर्म के बाद निर्मम हत्या कर दी जाती है। इसके दूसरे दिन सोमवार को मोहनलालगंज इलाके में हेलमेट लगाए बाइक सवार बदमाशों ने स्कार्पियो सवार रिटायर सैन्य कर्मी व प्रापर्टी डीलर अशोक यादव की ताबड़तोड़ गोलियों से भूनकर हत्या कर दी गई। वहीं मड़ियांव थाना क्षेत्र में प्रदीप पाल की पुराने मकान मालिक ने हत्या कर दी।  पुलिस बदमाशों की तलाश में जुटी ही थी कि गुडम्बा थाना क्षेत्र में लूट के इरादे से आये बाइक सवार बदमाशों ने बियर शॉप के सेल्समैन  जितेंद्र जायसवाल पर फायर झोक दिया,हालांकि गलीमत रही कि जान बच गई। वहीं बुधवार को तालकटोरा के राजाजीपुरम के मिनी एलआइजी निवासी लाउंज मैनेजर प्रशांत पांडेय (30) को अगवाकर कैसरबाग स्थित क्लासिक अपार्टमेंट से धकेलकर हत्या कर दी। मृतक के भाई पंकज ने तालकटोरा थाने में सैफ और उसके अज्ञात साथियों के खिलाफ  हत्या का मामला दर्ज कराया। वहीं बीते शुक्रवार को हसनगंज इलाके में कथित प्रेमी मदन निषाद  (26) ने  प्रेमिका की गोली मारकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद को भी गोली से उड़ा लिया। पुलिस इसे प्रेम-प्रसंग का मामला बताकर पल्ला झाड़ लिया।  इसके अलावा शनिवार को गोसाईगंज थाना क्षेत्र में बदमाशों ने सब्जी विक्रेता को अगवाकर पीट-पीटकर मार डाला।  उधर शनिवार कैंट इलाके में रात करीब 8 बजे बेखौफ बदमाशों ने बाइक से जा रहे दुकानदार दीपू वर्मा और उसके  साथ बैठे कारीगर पुष्पराज पर फायरिंग कर दी ,जिसमें दीपू वर्मा की मौके पर ही मौत हो गई,जबकि दूसरा साथी गंभीर रूप से घायल हो गया।  फिलहाल पुलिस का दावा है कि जल्द ही बदमाशों को गिरफ्तार कर हत्याओं का खुलासा किया जायेगा।

हेलमेट बना अपराधियों का मुखौटा
राजधानी पुलिस एक सितंबर से लागू नई मोटर व्हीकल एक्ट के नियमों का कड़ाई से पालन कराते हुए वाहनों का चालान कर लोगों को हेलमेट के फायदे बताने में जुटी है। वहीं शातिर अपराधी यातायात नियमों का पालन करते हुए हेलमेट पहनकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। इतना ही नहीं बदमाश हेलमेट पहनकर वारदात को अंजाम देकर बिना तीसरी आंख में कैद हुए बड़े आराम से निकल जा रहे हैं। फिलहाल पुलिस के हाथ बदमाश लगे या न लगे ,लेकिन सरकारी खजाने में इजाफा जरूर हो रहा है। बताते चलें कि प्रतिदिन वाहनों के चालान से लाखों रूपये शमन शुल्क सरकारी खाते में जमा हो रहे हैं।

रंजिश के अवाला छोटी मोटी बातों पर गोली मार दी जा रही है। बदमाशों को कहां से असलहा मुहैया हो जा रहा है, इस पर नकेल कसने के लिए पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया गया है। इसके अलावा थाने पर बैठक कर लोगों को जागरूक करने की दिशा में कार्य किये जाने की आवश्यकता है।
एसके भगत
आईजी ,लखनऊ रेंज

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