बिहार

अनंत सिंह के ख़िलाफ़ दशहरा के पहले हत्या की साज़िश व दीपावली के पहले AK 47 मामले में चार्जशीट

 एफएसएल  रिपोर्ट को ठोस सबूत मान रही पुलिस ,एके 47 मामले में सार्जेंट मेजर व एसटीएफ ने सौंपा रिपोर्ट

>> एएसपी लिपि सिंह प्रतिदिन दिन लिखती हैं घंटों डायरी ,एफएसएल के एक रिपोर्ट की इंतजार

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । बाहुबली अनंत सिंह का दशहरा और दीपावली ,त्योहार जेल में ही बितने वाली हैं ।पटना पुलिस विधायक पर लगे आरोपों को पुख्ता बनाने के लिए दिन-रात एक किये हुये हैं । एएसपी लिपि सिंह प्रतिदिन घंटों केस डायरी लिख रही हैं । ऐसी सम्भावना हैं की पंडारक थाने में दर्ज कांड 75/19 में दशहरा के पहले पटना पुलिस चार्जशीट दाखिल करेंगी तो वहीं घर से बरामद एके 47 मामले में एएसपी लिपि सिंह दीपावली के पहले चार्जशीट दाखिल करने की पुरी तैयारी कर ली हैं । इस तरह विधायक अनंत सिंह के लिए नये साल में ही कुछ गुंजाइश बनते दिख रही हैं ।

भोला सिंह व मुकेश सिंह को अपना दुश्मन बता फंसे विधायक

कभी, कुख्यात भोला सिंह ,विधायक अनंत सिंह के इशारे पर अपराध को अंजाम दिया करता था । अनंत सिंह के जानी दुश्मन ,अपने गोतिया विवेका पहलवान के भाई की हत्या का आरोप भोला सिंह पर लगा था । पीडि़त परिवार का आज भी आरोप हैं की हत्या अनंत सिंह के कहने पर किया गया था। इसके बाद लंबे अरसे तक सलाखो के पीछे रहकर जब भोला सिंह निकला तो रूपये की लेनदेन को लेकर विवाद उत्पन्न हो गया और फिर राहें अलग -अलग एवं दुश्मनी ।
   लोकसभा के आम चुनाव में भोला सिंह का भाई मुकेश सिंह ,जदयू में शामिल हुआ और जोरदार तरीके से ललन सिंह के लिए प्रचार -प्रसार किया । या कहें तो दबंग अनंत सिंह से अलग हो गये । नतीजा ललन सिंह ,फिर एकबार सांसद बनें ।
    चुनाव बाद अपराधिक वर्चस्व ,वर्चस्व की समाप्ति के साथ ही राजनीतिक तना-तनी शुरू हो गयी । इसी क्रम में विधायक अनंत सिंह का ऑडियो क्लिप वायरल हुआ । जिसमें अनंत सिंह और कुख्यात अपराधी विकास सिंह सहित कई अपराधियों की प्लानिंग में भोला सिंह और मुकेश सिंह की हत्या की चर्चा के साथ हथियारों की तस्करी और क्वालिटी की बातें की गयी थीं ।
    ऑडियो क्लिप वायरल होने के बाद मुकेश सिंह के बयान पर विधायक अनंत सिंह ,लल्लू मुखिया ,उसका भाई सहित कई के खिलाफ पंडारक थाने में एफआईआर दर्ज की गयी । ऑडियो क्लिप को जांच के लिए एफएसएल भेजा गया । अनंत सिंह को नोटिस कर आवाज का नमूना लिया गया । वायरल ऑडियो क्लिप में अनंत सिंह भले ही अपने आवाज नहीं होने का दावा करते रहे हैं ,इसके इतर एफएसएल ने इनके आवाज होने का मुहर लगा दिया और आवाज को प्रमाणित कर दिया ।
तीन दिन पहले दूसरी बार रिमांड पर लिये गये विधायक अनंत सिंह से पुलिस ने पूछताछ शुरू किया और अनंत सिंह को ऑडियो क्लिप सुनाया तो अपने आवाज से इंकार कर दिये लेकिन यह कहं गये की भोला सिंह पहले हमारा आदमी था अब गद्ददार निकल गया । भोला सिंह और उसका भाई मुकेश सिंह मेरा दुश्मन हैं ।  बस यहीं स्वीकृति ,पुलिस के लिए ठोस सबूत हो गया ,चुकी एफएसएल पहले ही अनंत सिंह के आवाज होने की पुष्टि कर प्रमाणित कर चुका हैं । पुलिस सुत्रों की मानें तो विधायक अनंत सिंह का वायरल ऑडियो मामले में दशहरा के पूर्व पटना पुलिस चार्जशीट दाखिल कर देगी और स्पीडी ट्रायल के लिए प्रे करेंगी ।

एएसपी लिपि सिंह प्रतिदिन लिखती हैं घंटे डायरी चार्जशीट की तैयारी में जुटी

बाहुबली अनंत सिंह के पास अत्याधुनिक हथियारों का जखीरा रहने के आरोप लगते रहे हैं । वीडियो में स्वयं एके 47 और गुर्गा एलएमजी लिये दिखे गये हैं लेकिन लंबे समय तक पुलिस को कुछ भी हाथ नहीं लगा था। बाढ़ में फर्स्ट पोस्टिंग में गयी  एएसपी लिपि सिंह को ही बड़ी कामयाबी हाथ लगी । मजिस्ट्रेट के मौजूदगी में एएसपी लिपि सिंह ने विधायक अनंत सिंह के घर छापेमारी किया तो एके 47 ,हैंड ग्रेनेड बरामद की। यूएपीए धारा लगने के कारण ,एएसपी लिपि सिंह को केस आईओ बनाया गया ।
एएसपी लिपि सिंह के कार्रवाई का खौफ ही कहिये की अनंत सिंह को पटना और बाढ़ नहीं बल्कि दिल्ली में सरेंडर करना पड़ा । लिपि सिंह ,अनंत सिंह को दो दिनों का रिमांड लेकर पूछताछ कर ली हैं । ओरिजनल एके 47 होने की पुष्टि जिला सारजेंट मेजर और एसटीएफ ने पहले ही कर दिया हैं । एफएसएल में भेजा गया हैं ,जिसकी जांच हो गयी हैं ,एएसपी लिपि सिंह को जल्द ही रिपोर्ट मिलने वाली हैं । इधर ग्रामीण एसपी कांतेश मिश्रा ने विधायक अनंत सिंह पर लगे सभी धाराओं को सही मानते हुये सुपरविजन ट्रू कर दिया हैं ।
एके 47 बरामद मामले में एएसपी लिपि सिंह ने प्रतिदिन केस डायरी लिखती हैं । सुत्र बताते हैं की केस डायरी में अनंत सिंह के लंबे अपराधिक इतिहास की विस्तृत चर्चा की गयी हैं ।अपराध और दहशत से अकुत सम्पत्ति का खड़ा सम्राज्य का ब्यौरा दिया गया हैं । एक-दो दिनों में एफएसएल रिपोर्ट आने के बाद दीपावली तक चार्जशीट दाखिल हो जाने की सम्भावना हैं । ऐसे यूएपीए की धारा में 180 दिनों के अंदर चार्जशीट दाखिल करना अनिवार्य होता हैं लेकिन पटना पुलिस जल्द से जल्द स्पीडी ट्रायल कराना चाहती हैं ।
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