इनकम टैक्स विभाग के नोटिस या ऑर्डर का जवाब देने के लिए नहीं जाना होगा टैक्स विभाग

इनकम टैक्स विभाग चाहता है कि आपकी समस्या का समाधान बिना चेहरा दिखाए घर बैठे ही हो जाए. सरकार ने फेसलेस ई-असेसमेंट (Faceless E-Assesment) योजना की शुरुआत कर दी है. अब आपको टैक्स विभाग के नोटिस या ऑर्डर का जवाब देने के लिए टैक्स विभाग नहीं जाना होगा. टैक्स विभाग खुद आपके रजिस्टर्ड ईमेल या फोन पर संपर्क करेगा और आपको उसी पर जवाब देना होगा. ये योजना पूरे देश में लागू होगी.

इस योजना का मुख्यालय नेशनल ई-एसेसमेंट सेंटर (NeAC)दिल्ली के साकेत में होगा जबकि मुंबई, कोलकाता, हैदराबाद, चेन्नई, पुणे,, अहमदाबाद और बैंगलुरू में रीजनल सेंटर होंगे. वित्त मंत्रालय के राजस्व सचिव अजय भूषण पांडेय के मुताबिक, “इस योजना से करदाता को घर बैठे संपर्क करने की सुविधा मिलेगी. पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर इसे करीब 60,000 केसेज़ से शुरू कर रहे हैं. बाद में इसे बढ़ाएंगे. ये योजना प्रधानमंत्री के उस विजन का हिस्सा है जिसमें करदाता को सुविधा देना प्रमुख है”.

देश में इनकम टैक्स रिटर्न भरने वालों की संख्या 6.68 करोड़ है. करदाता जब इनकम टैक्स रिटर्न भरता है तो कुछ जानकारी छूट जाने या गलती हो जाने पर उसे बहुत परेशानी उठानी पड़ती थी. शिकायत ये भी रहती कि टैक्स विभाग के बहुत चक्कर काटने पड़ते हैं. ऐसे में ऐसा कोई भी कदम जिससे अफसरों की मनमर्जी कम हो तो करदाता को आसानी होने की संभावना बहुत बढ़ जाती है.

नेशनल ई-असेसमेंट सेंटर एक सिंगल एजेंसी होगी जो करदाता से संपर्क रखने में नोडल एजेंसी के तौर पर काम करेगी. इसके लिए टैक्स विभाग ने 2600 से ज्यादा ऑफिसर्स काम पर लगाया है. ज़ोर इस बात पर होगा कि अफसर और करदाता की एक-दूसरे से मिलने की ज़रुरत ही न हो. इससे टैक्स विभाग के काम में पारदर्शिता बढ़ेगी. साथ ही निश्चित दिन भी तय होंगे ताकि करदाता को उस निश्चित दिन तक सवाल या समस्या का कोई हल मिले. उम्मीद जानी चाहिए कि नया ई-असेसमेंट सिस्टम करदाता की उम्मीदों पर खरा उतरेगा.

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