धर्म - अध्यात्म

कभी-कभी इंसान अपने कर्मों के कारण भी रह जाता है बेऔलाद

हिन्दू धर्म में कई बातें ऐसी बताई गई है जिन्हे जानने के बाद सभी हैरान रह जाते हैं। ऐसे में आज हम आपको बताने जा रहे हैं भगवान शिव के द्वारा बताए गए उस पाप के बारे में जिसके कारण इंसान को संतानहीन रहना पड़ता है। इस बारे में एक बहुत पुरानी कथा प्रचलित है जो आज हम आपको बताने जा रहे हैं।

इंसान रह जाता है संतानहीन:

पुराणों के अनुसार भगवान शिव ही ज्ञान के देवता है. जो मनुष्य शिवजी की पूजा करता है उन्हें ज्ञान प्राप्त होता है। ऐसे भगवान शिव को माता पार्वती ने एक प्रश्न पूछा और वह प्रश्न यह था कि मनुष्य को किस पाप के कारण संतानहिन रहना पड़ता है।

भगवान शिव ने कहा देवी सुनो जो मनुष्य निर्दय होकर मृगों, प्राणियों और पक्षियों के बच्चों को मारकर खा जाता है वह मनुष्य मरने के बाद दीर्धकाल तक नरक की यातना प्राप्त करता है।

ऐसा मनुष्य जब सभी यातानाओं को सहन करके लंबे समय के बाद फिर से मनुष्य बनकर जन्म लेता है तो उसे संतान का सुख प्राप्त नहीं होता और वह संतानहीन होकर दुखी ही मृत्यु को प्राप्त हो जाता है।

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