बतरस वार्षिक कार्यक्रम का आयोजन संपन्न

लालगंज रायबरेली 9 अक्टूबर तरुणमित्र । क्षेत्र के अंतर्गत ग्राम मधुकरपुर में बतरस काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया  जिसमें पहले भाग में हिंदी साहित्य की 2 महान विभूतियों डाॅ. अमलधारी सिंह बैसवारा पी.जी. काॅलेज, लालगंज, रायबरेली दूसरे भाग में संस्कृति कर्म के बुनियादी सरोकार विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी रखी गयी जिस पर प्रो. प्रदीप भार्गव , आदरणीय ओम प्रकाश सिंह  ,  दिनेश प्रियमन , डॉ. अमलदारी सिंह  , डॉ. विमल सिंह  के द्वारा विचारों का आदान-प्रदान किया गया ।

तीसरे भाग में काव्यगोष्ठी का आयोजन किया गया जिसकी अध्यक्षता मेरे काव्य गुरुगीत  कवि अंजनी कुमार सिंह   एवं संचालन   सतीश कुमार सिंह  ने किया मंच पर  दिनेश प्रियमन  डॉ. अनिरुद्ध भदौरिया,राजेंद्र दीक्षित ,

विनय भदौरिया, राजकरन सिंह , शैलेश प्रताप सिंह  एव आशीष मिश्र, सौरभ शुक्ला, विवेक त्रिपाठी  मयंक मिश्र, नेहा सोनी, आनन्द सिंह और और गांव केेेेेेे सम्मानित लोग   मौजूद रहे और सभी ने बहुत ही बेहतरीन काव्यपाठ किया । रायबरेली की नाटक द्वारा समाज की बुनियादी समस्याओं अन्न, जल और किसानों की समस्याओं, सरकार और भ्र्रष्टाचार को दर्शाते हुए जन जागरण का किया गया।
“बतरस” के संरक्षक  शिवा शंकर श्रीवास्तव  की चित्रकला प्रदर्शनी में उनकी बनायी हुई पेंटिंग ने सबका मन मोह लिया इसी क्रम में बैसवारे के युवा चित्रकार गब्बर सिंह लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड होल्डर का सम्मान किया गया।
इन सभी कार्यक्रमों के पीछे सबको मार्गदर्शन देने वाले  प्रेरित करने वाले  शैलेश प्रताप सिंह  ,  शिवेंद्र सिंह ,  अनुराग शुक्ल  , डॉ. ब्रजेश सिंह ,  राज कुमार श्रीवास्तव , दिलीप श्रीवास्तव  , अरुण कुमार  , विवेक ,  हर्ष ,  व  सूरज सिंह हजारों की संख्या में श्रोता गण मौजूद रहे।

बतरस के समस्त आयोजक मण्डल एवं संयोजन समिति का ह्रदय से आभार हमें प्रेरित करने के लिए हमें मार्गदर्शन देने के लिए हम सब मिल कर कोई भी कठिन से कठिन कार्य को सफलता पूर्वक कर सकते हैं ऐसा ख़्वाब दिखाने के लिए और अंत मे “बतरस” की खासियत “मत भेद हो पर मन भेद नहीं।

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