किराये के घर पर भी आप वास्तु के इन टिप्स को अपना कर अपने जीवन को बना सकते हैं और भी आसान

वास्तुकला  जो किसी खास जगह में सकारात्मक ताकतों को सुधारने का काम करता है। यह घर मालिकों और किरायेदारों दोनों के लिए लागू होता है। मुंबई में रहने वाले वास्तुप्लस के नितिन परमार कहते हैं, ”अगर रहने वाली जगह पर सही से वास्तु शास्त्र के सिद्धांत लागू किए जाएं तो इससे शारीरिक, धार्मिक और भौतिक फायदा मिलता है। वास्तु दोष को कमरों में सही बदलाव लाकर ठीक किया जा सकता है। अच्छे रंग, वस्तुओं की जगहों में बदलाव और उपाय इसमें आपकी मदद करते हैं।

किराये के घर के लिए बाहरी वास्तु पर देना चाहिए ध्यान:

किसी घर या अपार्टमेंट को रेंट पर लेते वक्त बाहरी वातावरण अहम रोल निभाते हैं। हालांकि लोग कई महीनों तक एक ही फ्लैट में रहते हैं। लेकिन फ्लैट/घर या गली की लोकेशन बेहद जरूरी होती है। बेंगलुरु की वास्तु एक्सपर्ट प्रसन्ना नारायण कहती हैं, ”बाहरी ताकतें घर की आंतरिक ताकतों को काफी हद तक प्रभावित करती हैं। अगर आपको कोई घर किराये पर लेना हो तो अपनी पत्नी/पति या परिवार के सदस्यों को उस घर में ले जाएं और महसूस करें कि वहां आपको कैसा लग रहा है। शहरों में ज्यादातर इलाकों में मोबाइल और बिजली के टावर होते हैं। एेसी जगहों से बचें जो इन टावर के ज्यादा नजदीक होते हैं। इसके अलावा अस्पताल, कब्रिस्तान या भीड़भाड़ वाली जगहों में घर किराये पर लेने से बचें”। दूसरे शब्दों में कहें तो मकान किसी शांत जगह पर ही लें। अगर उस जगह पर आपको असहज महसूस होता है तो हो सकता है यह आपके एनर्जी पैटर्न से मेल न खाए।

किसी घर में जाते वक्त इस बातों का रखें ध्यान:

घर किराये पर लेते वक्त कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखना चाहिए। परमार के मुताबिक, ”सबसे खास बात, एेसा घर न लें जिसके नॉर्थ-ईस्ट में टॉयलेट, नॉर्थ-ईस्ट व साउथ-वेस्ट जोन में किचन या नॉर्थ-ईस्ट या साउथ-वेस्ट में कोने न हों”। इसके अलावा अपार्टमेंट या घर किराये पर लेते वक्त संपत्ति का इतिहास भी जांच लें कि आपसे पहले उस मकान में रहने वाले कितने समृद्ध थे और उन्होंने शिफ्ट क्यों किया। नारायण के मुताबिक, ”घर के मुख्य द्वार की दिशा बेहद अहम होती है क्योंकि यह व्यक्ति की जन्मतिथि पर निर्भर करती है। चार सकारात्मक चतुर्भुज होते हैं और मुख्य द्वार भी इसी सिद्धांत पर काम करता है”। घर में प्रवेश से पहले छोटा सा हवन कराएं ताकि जगह शुद्ध हो जाए और नकारात्मक ताकतें बाहर निकल जाएं। इसके लिए गणेश पूजा, नवग्रह शांति और वास्तु पूजा कराई जा सकती है। रंगों में भी कंपन होती है। इसलिए हमेशा दीवारों पर हल्का रंग कराएं। गहरे रंग कराने से बचें, जिसमें ज्यादा ग्रे या काला हो। शिफ्ट होने से पहले घर में नया पेंट कराएं और सभी लीक होने वाले पाइप, टंकियां, टूटा फर्नीचर और शेल्फ रिपेयर करा लें।
वास्तु दोषों का उपाय: परमार ने कहा, ”वास्तु दोषों को ठीक करने व शांति और सफलता पाने के लिए कोई भी वास्तु सद्भाव चित्र, यंत्र और क्रिस्टल का इस्तेमाल कर सकता है। हाथी, कुबेर क्रिस्टल, बुद्ध, पानी में पहने वाले जीवों, पहाड़ या सूरज की तस्वीरों को शुभ माना जाता है”।  अगर आप पहले से किसी एेसे घर में रह रहे हैं, जिसमें वास्तु दोष है तो किसी वास्तु विशेषज्ञ से राय लें जो आपको एेसे उपाय बताए, जिसमें आपको जगह में ज्यादा छेड़छाड़ न करनी पड़े।
इसके अलावा कुछ उपाय एेसे भी हैं, जिन्हें अपनाकर किराये के मकान को भी सद्भावपूर्ण बनाया जा सकता है। उदाहरण के तौर पर फर्श पर नमक के पानी का पोछा लगाएं। नारायण के मुताबिक, हल्की सुगंध वाली धूप या जरूरी तेलों का इस्तेमाल भी घर को साफ और तरोताजा रखने के लिए किया जाता है। सुखद माहौल बनाने के लिए अच्छा म्यूजिक बजाएं। सकारात्मक और जोशीली ऊर्जा बरकरार रखने के लिए घर में पौधे और फूलों की पेंटिंग्स लगाएं। जगह को अव्यवस्थित न रखें। इसके अलावा घर में धूल और मकड़ी के जाले भी नहीं होने चाहिए। इससे नकारात्मक ताकतें घर में प्रवेश करती हैं। यह भी ध्यान रखें कि घर में जितनी भी घड़ियां हैं, सभी ठीक से काम कर रही हों।
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