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इरमा तूफान से 63 लाख लोग खतरे में, मंदिरों में मिल रही पनाह

 

नई दिल्ली। कैरेबियाई द्वीपों पर तबाही मचाने के बाद तूफान इरमा आज फ्लोरिडा राज्य के दक्षिणी द्वीप समूह से टकराया इस तूफान से अब तक तीन लोगों के मौत की खबर है. तूफान के मद्देनजर भारतीय मूल के हजारों अमेरिकी नागरिकों समेत लाखों लोगों को राज्य से बाहर निकाला गया।

फ्लोरिडा गल्फ कोस्ट के उत्तर पश्चिम की ओर जाने से पहले इरमा तूफ़ान के फ्लोरिडा कीज से टकराने की आशंका है. अनुमान लगाया जा रहा है कि यहां हवाएं 130 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी।

तूफान की निगरानी करने वाले केंद्र ने कहा, “जानलेवा तूफान के चलते फ्लोरिडा कीज समेत फ्लोरिडा पश्चिम तट के अधिकतर हिस्सों के आस पास बाढ़ आने का खतरा है, जहां तूफान के मद्देनजर चेतावनी जारी की गई है”

63 लाख लोगों से ज्यादा के लिए जानलेवा हो सकता है तूफ़ान

तूफान के चलते मची तबाही को देखते हुए 63 लाख से अधिक लोगों को फ्लोरिडा छोड़ने के लिये कहा गया है क्योंकि इसके मार्ग में आने वाले किसी भी व्यक्ति के लिये यह जानलेवा हो सकता है।

बता दें कि इरमा पहले ही कैरेबियाई क्षेत्र के कई हिस्सों को तबाह कर चुका है और इसके चलते 25 लोगों की मौत हो चुकी है। कैरेबियाई क्षेत्र में सेंट मार्टिन द्वीप से करीब 60 भारतीय नागरिकों को बचाया गया है।

फ्लोरिडा भर में करीब 120,000 भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक रहते हैं जबकि इनमें से हजारों नागरिक खतरे की दृष्टि से संवेदनशील मियामी, फोर्ट लॉडरडेल और टाम्पा में मौजूद हैं।

अटलांटा और आस पास के इलाकों में रहने वाले भारतीय मूल के अमेरिकी अपने दोस्तों, परिजनों और फ्लोरिडा से समुदाय के सदस्यों को अपने-अपने घरों में पनाह दे रहे हैं।

मंदिरों ने खोले मदद के लिए दरवाजे

इसके अलावा अटलांटा क्षेत्र में मंदिरों ने फ्लोरिडा से आए लोगों के लिये अपने द्वार खोल दिए हैं। यहां के बड़े हिस्से में मौजूद लोगों को राज्य सरकार ने जगह खाली करने के लिए कहा था।

इस बीच डच प्रधानमंत्री मार्क रूट ने आज कहा कि तूफान इरमा के कैरेबियाई द्वीप सेंट मार्टिन के डच हिस्से से टकराने के कारण अब वहां मरने वालों की संख्या बढ़कर चार हो गई है।

 

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