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वाहनों को लेकर सरकार का नया नियम नहीं किया पूरा तो भरना होंगा भारी जुर्माना

केंद्र सरकार ऑटो रिक्शा, ई-रिक्शा, ई-कार्ट, तिपहिया और ट्रैक्टर ट्रॉली सहित सभी वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव (चमकीला) टेप लगाना अनिवार्य करने जा रही है। इसके तहत वाहन के आगे व पीछे एक खास प्रकार व आकार के टेप लगाने आवश्यक होंगे। जिससे अंधेरे में रोशनी पड़ने पर उक्त वाहन नजर आ सकेंगे। टेप नहीं लगाने पर वाहन मालिकों पर जुर्माना लगाया जाएगा। साथ ही भविष्य में ऐसे वाहनों का फिटनेस प्रणाम पत्र भी जारी नहीं करने का फैसला किया जा सकता है।

सड़क परिवहन व राजमार्ग मंत्रालय वाहनों में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप संबंधी अधिसूचना इस हफ्ते जारी करने जा रहा है। इस विषय से जुड़े मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सड़क सुरक्षा मजबूत करने के दृष्टि से यह अहम कदम साबित होगा। वर्तमान में ई-रिक्शा, ई-कार्ट, तिपहिया, ट्रैक्टर-ट्रॉली में रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप नहीं लगाए जाते हैं। लेकिन अधिसूचना जारी होने के बाद यह कानून का रूप ले लेगा जिससे टेप नहीं लगाने पर भारी जुर्माना हो सकेगा। उन्होंने बताया कि मंत्रालय ने इस बाबत एक अगस्त को प्रारूप अधिसूचना जारी कर दी थी।

यह होगा नए नियम में 
ई-रिक्शा, ई-कार्ट व तीन पहिया वाहनों में आगे सफेद रंग व पीछे लाल रंग रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाना अनिवार्य होगा। चौड़ाई 20 मिलीमीटर से कम नहीं होनी चाहिए। ई-रिक्शा अधिकतम रफ्तार 25 किलोमीटर प्रतिघंटा पर दौड़ने पर 50 मीटर की दूरी से नजर आना चाहिए। विभिन्न प्रकार के वाहनों में टेप के रंग व आकार पृथक होंगे।

2009 से ऑटो में यह व्यवस्था लागू
ई-रिक्शा में लगभग एक दशक बाद रेट्रो रिफ्लेक्टिव टेप लगाने का फैसला हो रहा है। ऑटो में यह व्यवस्था 2009 में लागू कर दिया गया था, लेकिन ई-रिक्शा में टेप लगाने का निर्णय टाल दिया गया। सड़क हादसों में ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या को देखते हुए अब अनिवार्य रूप से टेप लगाने का निर्णय किया जा रहा है।

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