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डीएसपी अगर जंगल में नही पकड़ते 3 शूटर तो होटल में हो जाती हत्या , अचूक हथियार बरामद

 आर्डर दे रहा कुख्यात नक्सली सतीश महतो सहित डा अनिल कुमार व विद्यानंद पाठक को भी पुलिस ने दबोचा

>> भोजपुर में हुये रणबीर सेना कमांडर अनिल शर्मा की बदला लेने के लिए जुटे थे अपराधी

>> गिरफ्तार अपराधियों पर एक दर्जन से अधिक मामले हैं दर्ज

>> एसएसपी गरिमा मलिक ने डीएसपी मनोज पांडे के नेतृत्व में गठित किया था टीम ,झारखंड पुलिस भी था संपर्क में

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं  ) । बिहार पुलिस सिर्फ लाठी पिटने वाली पुलिस नहीं रही बल्कि कम्प्यूटर व टेक्नॉलजी में बहुत आगे निकल चुकी हैं ।सूचना मिलते ही एसएसपी गरिमा मलिक द्वारा गठित पुलिस टीम का लीड कर रहे डीएसपी मनोज पांडे ने समय रहते जंगल में रेड कर तीनों शूटरों को हथियारों के साथ गिरफ्तार कर लिया । अगर थोड़ा भी देर होती तो कुख्यात अपराधियों के निशाने पर नवीन यादव होता और पालीगंज थाना के सामने वाले होटल में नवीन का विकेट गिर गया होता । डीएसपी मनोज पांडे के नेतृत्व में सिर्फ शूटर ही गिरफ्तार नहीं हुये बल्कि हत्या का आर्डर देने वाला नक्सली सतीश महतो और लाइनर की भूमिका अदा करने वाला विद्यानंद पाठक और डा अनिल कुमार को दबोच कर पुरे मामले का चंद चार घंटे के अंदर पर्दाफांस कर दिया । साथ ही पालीगंज में पुनः गैंगवार पर पानी फेर दिया ।

अनजान तीन कॉल और लाईनर की पुलिस पर नजर

एसएसपी गरिमा मलिक के निर्देश पर पटना जिले के पेंडिंग केसों का निपटारा किया जा रहा हैं और सभी डीएसपी कार्रवाई की समीक्षा कर रहे हैं । इसी क्रम में पालीगंज डीएसपी मनोज पांडे को एक अनजान नंबर से लगातार कॉल आना शुरू हुआ । डीएसपी ने तीसरे कॉल में पीकअप किया तो अनजान व्यक्ति ने सूचना दिया की पालीगंज अनुमंडल क्षेत्र में आज हत्या होगी । डीएसपी पूछते रहे लेकिन अगले ने बस इतना कहा की हत्या थाने के सामने होटल में जरूर होगी । डीएसपी ने इसकी सूचना एसएसपी सहित वरीय अधिकारियों को देते हुये पालीगंज अनुमंडल क्षेत्रों में छापेमारी सहित वाहनों की चेकिंग शुरू कर दिया । लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया ,इधर पुलिस के हर एक गतिविधियों पर अपराधी गिरोह का लाईनर नजर रखें हुये था। अनजान व्यक्ति ने पुनः डीएसपी को जानकारी दिया की विद्यानंद पाठक ….
डीएसपी मनोज पांडे ने मेरा गांव के समीप छापेमारी कर शूटरों के लाईनर विद्यानंद पाठक को गिरफ्तार कर लिया । सख्ती से पूछताछ के बाद विद्यानंद पाठक कुछ भी बताने से इंकार करने लगा साथ ही पुलिस को गुमराह करने लगा। इसी क्रम में झारखंड पुलिस ने डीएसपी को सूचना दिया की कुख्यात नक्सली /अपराधी सतीश महतो मोबाइल पर एक्टिव हैं और किसी नवीन यादव की हत्या की बातें कर रहा हैं ।

टेक्निकल सेल एक्टिव और डीएसपी का ताबड़तोड़ रेड के बाद जंगल में कूच

कुख्यात सतीश महतो का पालीगंज में होने और घटना की फुलप्रुफ प्लानिंग को फेल करने के लिए डीएसपी मनोज पांडे ने चुनौती के रूप में लिया और सतीश महतो ,शूटरों व अन्य लाईनरों के मोबाइल नंबर को एसएसपी गरिमा मलिक के पास फारवर्ड किया । एसएसपी गरिमा मलिक ने मामले को गंभीरता से लेते हुये तकनीकी सेल को लगाया ,इधर डीएसपी मनोज पांडे ने नेतृत्व में पुलिस टीम छापेमारी में जुट गयी । कई लोकेशन पर नाकामी हाथ लगी ,फिर शूटरों का लोकेशन समदा के समीप जंगल का मिलना शुरू हो गया ।
डीएसपी के नेतृत्व में पुलिस टीम एक्शन मोड में जंगल में कूच किया तो कुछ दूर चलने पर एक सफेद अपाची मोटरसाइकिल दिखाई दिया । पुलिस की भनक लगते ही अपराधी भागने और गोली चलाना चाहा की डीएसपी मनोज पांडे ने चेतावनी दिया की चारों तरफ से घिरे हो अगर किसी तरह की चालाकी किया तो अंजाम बुरा होगा । डीएसपी के चेतावनी और चारों तरफ से घिरा पाकर तीनों अपराधियों ने जमीन पर हथियार डाल दिया और अपने को सरेंडर कर दिया ।  पुलिस ने तीनों शूटर सुजीत कुमार ,अमित कुमार ,प्रफुल्ल कुमार ,(दोनों अरवल)  को गिरफ्तार कर लिया और एक देशी पिस्टल, दो देशी कट्टा, 11 कारतूस और कई मोबाइल बरामद हुई ।

शूटरों के निशानदेही पर मिला कुख्यात सतीश महतो

डीएसपी मनोज पांडे ने तीनों शूटरों को हथियारों के साथ दबोचा तो पूछताछ में कुख्यात सतीश महतो का सुराग पुलिस को हाथ लग गयी । मोबाइल लोकेशन पर कुख्यात सतीश महतो को गिरफ्तार कर लिया गया वहीं उसके साथी डा अनिल कुमार को भी पुलिस ने दबोच लिया । सतीश महतो ,पहले नक्सली था और झारखंड -बिहार में 50 हजार रूपये का इनामी रहा था। इन दिनों अपराधियों से मिलकर गिरोह बना लिया था और दोनों राज्यों में सुपारी पर लोगों की हत्या अपने शूटरों से कराता था। कुख्यात सतीश महतो सहित गिरफ्तार शूटरों के खिलाफ पटना जिले के पालीगंज, खिरी मोड़ ,बिक्रम, अरवल जिले में दर्जनों संगीन अपराधों के मामले दर्ज हैं ।

रणबीर सेना कमांडर अनिल शर्मा के हत्या की बदला लेने के लिया जुटे थे अपराधी

बीते वर्ष खिड़ी मोड़ थाना अंतर्गत मेरा गांव में छठ के पहले दिन एक सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान अमित भूषण उर्फ पिट्टू की हत्या गोली मारकर कर दिया गया था। अमित भूषण ,नवीन यादव का खास व्यक्ति था। हत्या नवीन यादव की होनी थी लेकिन कार्यक्रम में नहीं आया । इस हत्या में रणबीर सेना के कमांडर रहे अनिल शर्मा का नाम सामने आया । घटना के कुछ माह बाद अनिल शर्मा की हत्या गोली मारकर भोजपुर में कर दिया गया । अनिल शर्मा के हत्या के पीछे नवीन का होने की चर्चा रही ।
     अनिल शर्मा और सतीश महतो दोनों ही दो नक्सली संगठन से जरूर जुड़े थे लेकिन दोनों में गहरी दोस्ती थीं । अनिल शर्मा के हत्या की बदला लेने के लिए सतीश महतो ने फुलप्रुफ योजना बनाया था और नवीन को पालीगंज थाने के सामने वाले होटल में शूट आउट करना था की पटना पुलिस को जानकारी मिल गयी और महज 4 घंटे के सक्रियता से अपराधियों के खूनी मंसूबे पर पानी फेर दिया और बड़ी कामयाबी मिली ।
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