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…जब अपर मुख्य सचिव को दिखीं खामियां ही खामियां!

लखनऊ के राजकीय बालगृह में अव्यवस्थाओं का अंबार

स्टोर रूम में बेकार पडे दिखे कम्प्यूटर व सिलाई मशीनें, सीडीओ भी मौजूद

लखनऊ। प्रदेश सरकार के स्तर से खासकर महिला अधिकारों व उनके सशक्तिकरण के संरक्षण व संवर्धन में किये जा रहे विभिन्न प्रयासों को तब करारा झटका लगा जब…योगी शासन के एक सीनियर महिला आइएएस अफसर ने राजधानी के ही एक राजकीय बालगृह का निरीक्षण किया और देखा कि वहां पर अव्यवस्थाओं का अंबार है। बालगृह में रह रहीं बालिकाओं के पढ़ाई-लिखाई, व्यवसायिक प्रशिक्षण और उनके काउंसलिंग से जुड़े तमाम कार्यों का वहां पर कोई भी विवरण नहीं दर्ज किया गया। हैरानी की बात यह रही कि इस दौरान जिले के मुख्य विकास अधिकारी, डीपीओ और बीएसए भी ऐसी अव्यवस्थाओं को देखकर अपर मुख्य सचिव के सामने बचते-बचाते नजर आयें।
अपर मुख्य सचिव खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रसाशन विभाग डा. अनिता भटनागर जैन ने शासन की प्राथमिकताओं में महिलापरक कार्यक्रमों को जांचने-परखने के मद्देनजर शनिवार को मोतीनगर स्थित राजकीय बालगृह का आकस्मिक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने पाया कि बालगृह में अभिलेखों का रखरखाव उपयुक्त नहीं था। कौन सी बालिका कब से बालगृह में है सामान्य है या दिव्यांगता की श्रेणी में है, इसका कोई विवरण नहीं था। अनेक बालिकायें ऐसी पायी गयी जो विद्यालय नहीं जा रही थीं। दिव्यांगजनों के लिए भी शैक्षणिक व्यवस्था नहीं की गई थी। काउंसलिंग कक्ष में जिन बच्चों की काउन्सलिंग की जा रही है उनके बारे में भी उपयुक्त रिकार्ड नहीं था। वहां पर रह रहे तमाम बच्चों की फोटो रजिस्टर में नहीं थी। यही नहीं बालिका गृह में जो गुमशुदा बच्चे हैं और जो घर से भागे हुये हैं, उन्हें उनके परिजनों तक पहुंचाने के लिए कोई प्रयास नहीं दिखा। बालिका गृह में संगीत के लिए जो शिक्षिका आती हैं वो अनुपस्थित थीं। सबसे बड़ी बात यह दिखी कि बालिका गृह में स्टोर रूम खुलवाने पर कम्प्यूटर व अप्रयुक्त सिलाई मशीनें पायी गयी जिसे अविलंब प्रयोग मेंं लाने के निर्देश दिये गये।

बीएसए को दी हिदायत…क्यों नहीं निरीक्षण करते?

लखनऊ। निरीक्षण के क्रम में अपर मुख्य सचिव प्राथमिक व पूर्व माध्यमिक विद्यालय महमूदपुर, गोसाईगंज का भी दौरा किया। प्राथमिक विद्यालय में कुल 325 छात्रों में से 254 छात्र-छात्रायें तथा पांच शिक्षक और तीन शिक्षामित्र उपस्थित थे। बालिकाओं की कक्षा में निर्धारित शैक्षणिक कैलेन्डर के अनुसार माह जुलाई के लिए निर्धारित पाठ अभी तक नहीं पढ़ाये गये थे। गणित में तो कुछ भी नहीं पढ़ाया गया था। अंग्रेजी में केवल अप्रैल तक का पाठयक्रम ही पूरा किया गया था। पूर्व माध्यमिक विद्यालय में कुल 360 छात्र-छात्राओं में से 252 छात्र-छात्रायें उपस्थित थीं जिसमें आठ शिक्षक व एक अनुदेशक थे। विद्यालय में चांदनी नाम की छात्रा से अंगेजी की किताब पढ़वाकर देखी गयी जो कि ठीक से नहीं पढ़ पायी। फिर बीएसए और एबीएसए को हिदायत दी गयी कि प्रत्येक कक्षा का शैक्षणिक कैलेण्डर के अनुसार वो निरीक्षण क्यों नहीं करते हैं। कक्षा में मौजूद बच्चों को गुणवत्ता पूरी न होने के कारण यूनीफार्म नहीं मिली थी, जूते, पुस्तकें व बैग उपलब्ध कराये गये हैं मगर उनमें से कुछ बच्चे जूते पहनकर विद्यालय नहीं आये थे।
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पति से किनारा, फिर महिला प्रधान से की बात
आशा बहु और आंगनबाड़ी कार्यकत्री को सुमंगला योजना के बारे में दोबारा समझाया गया। भ्रमण के समय जो ग्राम प्रधान थे बाद में पूछने पर यह बताया गया है कि यह प्रधान पति हैं। गांव की प्रधान नीलम को बुलवाकर उनसे विचार-विमर्श किया। उनसे उनके दायित्वों के सम्बन्ध में जानकारी कर उनका निर्वहन करने के सम्बन्ध में परामर्श दिया गया।
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झलकारी बाई में बर्थ रजिस्टर जारी होने में देरी
वीरांगना झलकारी बाई महिला चिकित्सालय हजरतगंज के निरीक्षण में पाया गया कि बर्थ रजिस्टर जारी होने में कई माह का विलम्ब था। राष्ट्रीय जननी सुरक्षा योजना में इस वर्ष 495 बच्चों का गैप था जिसे शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिये। अस्पताल की अधीक्षिका डा. सुधा वर्मा अस्पताल में उपस्थित थीं। अस्पताल में केवल एक ही रास्ता है जो कि बेहद संकरा है तथा किसी भी आपदा को दृष्टिगत रखते हुये वैकल्पिक रास्ता बनाया जाना जरूरी है। अस्पताल में कल्चर टेस्ट मार्च 2019 से बंद होना बताया गया। अस्पताल एनएचएम द्वारा ई -हास्पिटल किया जाना था मगर इसका अनुबन्ध फरवरी 19 में समाप्त होने के कारण नहीं हो पाया। ओपीडी रजिस्टर का प्रोफार्मा बनाया जाये व वेटिंग एरिया में मरीजों की सुविधा के लिए डिस्प्ले टोकन सिस्टम लगाने के निर्देश दिये गये। अधीक्षिका ने बताया कि अस्पताल में 125 केवीए का जेनरेटर स्वीकृत तो हो गया है परन्तु उसकी आपूर्ति नहीं हो पायी है। इसके अतिरिक्त चिकित्सालय के नवनिर्मित वार्ड जिसका निर्माण अक्टूबर18 में शुरू हुआ था और अप्रैल, 2019 से निर्माण का कार्य बंद है। इसमें सेन्ट्रल गैस पाइप लाईन डालने के लिए कार्यदायी संस्था आवास विकास को प्रस्ताव भेजा गया है।

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