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कमलेश तिवारी हत्याकांड: हत्‍यारों की तलाश में शाहजहांपुर में छापेमारी, शूटरों पर रखा ढाई लाख का ईनाम

कमलेश तिवारी हत्याकांड में आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस कोई भी कसर नहीं छोड़ रही है। इस कड़ी में उत्तर प्रदेश पुलिस की ओर से आज सोमवार को हत्या के मुख्य आरोपी मुइनुद्दीन और अशफाक पर ढाई लाख के ईनाम की घोषणा की गई है। सूरत के रहने वाले इन दोनों आरोपियों के बारे में पुलिस ने लखनऊ के लालबाग स्थित होटल खालसा इन जानकारियां जुटाईं थी। होटल में दोनों आरोपियों ने आईडी के तौर पर अपना आधार कार्ड दिया था। आधार कार्ड से हत्यारों की पहचान सूरत निवासी शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद के रूप में हुई थी। इससे पहले पुलिस जांच में तेजी दिखाते हुए कई खुलासे कर चुकी है। हत्याकांड का खुलासा करते हुए यूपी डीजीपी ओपी सिंह ने बताया था कि आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पूरी कोशिश की जा रही है।

ओपी सिंह ने कहा, ‘गुजरात में जो तीन आरोपी पकड़े गए हैं, उन्हें हम रिमांड पर यहां (लखनऊ) ला रहे हैं। बिजनौर में भी दो मौलाना को हमने पुलिस हिरासत में लिया है और उनसे हमारी टीम निरंतर पूछताछ कर रही है। छोटी-छोटी चीजों को हम जोड़ने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि कोई भी पहलू अनछुआ ना रह जाए। कई प्रकार के मॉड्यूल्स होते हैं। एक सेल्फ मॉड्यूल होता है, एक स्लीपिंग मॉड्यूल होता है और एक आतंकी संगठन से जुड़े होने का भी मॉड्यूल होता है। हम इस केस को सभी ऐंगल से देख रहे हैं। जब हम उन्हें (प्रमुख आरोपी) गिरफ्तार करेंगे और फिर इसके बाद पूछताछ होगी तो घटना की सत्यता का पता चलेगा।’

सूरत के लिंबायत इलाके के रहने वाले फरीद उर्फ मोइन खान पठान और अशफाक खान पठान ने लखनऊ में कमलेश तिवारी की गला रेतकर हत्‍या कर दी थी। ये लोग सूरत से खरीदे गए मिठाई के डिब्‍बे में पिस्‍तौल और चाकू छिपाकर ले गए थे। गुजरात एटीएस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि मोइन और अशफाक ट्रेन से कानपुर गए थे और वहां से फिर दोनों आरोपी 16 अक्‍टूबर को टैक्‍सी लेकर लखनऊ गए। लखनऊ में वे खालसा इन होटल में रुके। लखनऊ पुलिस ने इसी होटल के कमरे से भगवा कपड़ा बरामद किया है। यही कपड़ा पहनकर हत्‍यारे कमलेश तिवारी के घर गए थे।

एटीएस के एक अधिकारी ने कहा, ‘गूगल के जरिए उन्‍हें कमलेश तिवारी का घर मिल गया। हत्‍यारों ने 16 अक्‍टूबर की आधी रात को कमलेश तिवारी को फोन किया और कहा कि वे उनसे दिवाली का आशीर्वाद लेना चाहते हैं और इसके लिए वे सूरत की प्रसिद्ध मिठाई लेकर आए हैं।’ अगले दिन ये लोग तिवारी के घर पहुंच गए और गला रेतकर हत्‍या कर दी। हत्‍यारों ने कमलेश तिवारी को गोली भी मारी।

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