उत्तर प्रदेशलखनऊ

वीरों की वीरगाथायें सदैव जनमानस को प्रेरणा देती हैं : डीजीपी

– पुलिस स्मृति दिवस परेड सम्पन्न
लखनऊ। पुलिस लाइन लखनऊ परिसर में पुलिस स्मृति दिवस परेड का आयोजन किया गया। डीजीपी ओपी सिंह के आगमन पर परेड स्थल पर उन्हें सलामी दी गयी। परेड कमाण्डर सलमान ताज पाटिल, पुलिस अधीक्षक, प्रशिक्षण, प्रशिक्षण निदेशालय लखनऊ, एसएम कासिम आबिदी, सहायक पुलिस अधीक्षक लखनऊ सेकेण्ड कमाण्डर, निशांत शर्मा, सहायक सेनानायक 28वीं वाहिनी पीएसी इटावा, तृतीय कमाण्डर थे। परेड में पीएसी, नागरिक पुलिस, यातायात पुलिस, महिला पुलिस, जीआरपी, एटीएस, आरआरएफ एवं एसडीआरएफ पुलिस की कुल 12 टुकड़ियां सम्मिलित हुई।
पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने शहीद पुलिसजनों को श्रद्धाजंलि अर्पित करते हुए देशभर में 01 सितम्बर 2018 से 31 अगस्त 2019 तक शहीद हुए 292 पुलिसजनों का प्रदेशवार जानकारी दी गयी। उ0प्र0 के 05 पुलिसजनों स्व.सुबोध कुमार सिंह निरीक्षक ,स्व. सुरेश प्रताप सिंह मुख्य आरक्षी , स्व. हर्ष चैधरी आरक्षी, स्व. हरेन्द्र सिंह आरक्षी व स्व.बृजपाल सिंह आरक्षी के विषय में जानकारी देते हुए डीजीपी ने कहा कि धन्य हैं, वे बहादुर पुलिसजन जिन्होंने दृढ़ता से कर्तव्यपालन करते हुए जीवन का बलिदान किया। मृत्यु तो केवल मनुष्य के भौतिक अस्तित्व को ही समाप्त कर पाती है, किन्तु वीरों की वीरगाथायें सदैव जनमानस को प्रेरणा देती हैं। वीर शहीद, काल एवं समय से परे होते हैं। ऐसा ही इतिहास साठ (60) वर्ष पूर्व का है। 21 अक्टूबर, 1959 को लद्दाख क्षेत्र में केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक टुकड़ी देश की सीमाओं की सुरक्षा में लगी थी। अचानक शत्रु सेना ने उसे घेर लिया, परन्तु केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल के 10 जवानों ने अपने अदम्य साहस व शौर्य का परिचय देते हुए मातृभूमि की रक्षा में जवाबी कार्यवाही करते हुए कर्तव्य पथ पर अपने प्राण न्यौछावर कर दिये। इन्हीं वीर सपूतों की याद में सभी प्रदेशों की पुलिस तथा सभी केन्द्रीय पुलिस संगठनों में प्रतिवर्ष 21 अक्टूबर को पुलिस स्मृति दिवस के रूप में मनाया जाता हैं।

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