उत्तर प्रदेशलखनऊ

कमलेश तिवारी हत्याकांड: दोनों हत्यारोपियों का बरेली के नावेद से होगा सामना

 –  वकील को भी दबोचा
– बरेली में गुजारी थी पहली रात
लखनऊ।  हिंदू समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष कमलेश तिवारी हत्याकांड में गिरफ्तार शेख अशफाक हुसैन और पठान मोइनुद्दीन अहमद पुलिस कस्टडी रिमांड पर लखनऊ लाए गए हैं।  गुरुवार शाम को  गुजरात से ट्रांजिट रिमांड पर लेकर दोनों आरोपियों को लखनऊ पहुंची पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को कोर्ट ने 48 घंटे के पुलिस रिमांड पर भेज दिया। दोनों 25 अक्टूबर सुबह 10 बजे से 27 अक्टूबर सुबह 10 बजे तक रिमांड पर रहेंगे। वहीं  बरेली के दरगाह आला हजरत के मौलाना सैय्यद कैफी अली की गिरफ्तारी के बाद लॉ स्टूडेंट और पेशे से वकील मोहम्मद नावेद को यूपी पुलिस और एटीएस ने लंबी पूछताछ के बाद शुक्रवार को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई में जुटी है। जानकारी के अनुसार इन दोनों हत्यारोपियों से बरेली से गिरफ्तार नावेद का सामना कराया जाएगा। नावेद पर हत्यारोपियों को नेपाल पहुंचाने का आरोप है। उस पर नागपुर से आसिम की गिरफ्तारी के बाद इन आरोपियों को नेपाल से शाहजहांपुर लाने का आरोप है।

नावेद व  मौलाना पर पनाह देने का आरोप
नावेद और मौलाना दोनों पर ही हत्यारोपियों शेख अशफाक हुसैन और पठान मोईनुद्दीन अहमद को पनाह देने व इलाज करवाने में मदद का आरोप है।  इससे पहले पुलिस ने गुरुवार शाम को मौलाना कैफी अली को गिरफ्तार किया था। कहा जा रहा है कि इन दोनों के अलावा भी दो अन्य की जानकारी भी पुलिस को मिली है, जिन्होंने दोनों आरोपियों की मदद की थी।  आरोप है कि कमलेश तिवारी की हत्या के बाद फरार हुए दोनों आरोपियों को मौलाना कैफी की ओर से मदद मुहैया कराई गई। मदद के तहत कैफी ने दोनों को शरण भी दी। नावेद पर आरोप है कि उसने मौलाना कैफी के निर्देश पर दोनों को बरेली में रुकवाया उसके बाद नेपाल बॉर्डर तक पहुंचने में मदद की थी। पुलिस के मुताबिक के मुताबिक 18 अक्टूबर को हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने पहली रात बरेली में ही गुजारी।  इसमें मौलाना कैफी और नावेद ने उनकी मदद की। इसके बाद दूसरे दिन नेपाल तक पहुंचाने में दोनों की मदद की।

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