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परशुराम जी तरह भूमिहार ब्राह्मण एकता महारैली में लाखों के बीच ब्रमेश्वर मुखिया बन जाएंगे भगवान !

7 नवंबर को आयोजित गांधी मैदान में महारैली के लगे पोस्टर में परशुराम जी के साथ रणबीर सेना के रहे सुप्रीमो ब्रमेश्वर मुखिया

 7 साल बाद पटना में फिर एक बार गूंजेगा वीर परशुराम जिंदाबाद, वीर ब्रमेश्वर जिंदाबाद का नारा

>> 22 अलग -अलग मामले में 277 लोगों की हत्या का लगा था रणबीर सेना सुप्रीमो ब्रमेश्वर मुखिया पर आरोप ,साक्ष्य के अभाव में हुये 16 मामले में बरी

>> किसी जाति -वर्ग से विदवेष नहीं ,सम्मानजनक हिस्सेदारी के लिए संघर्ष – आशुतोष कुमार

रवीश कुमार मणि
पटना ( अ सं ) । भूमिहार-ब्राह्मण समाज के लिए जिस तरह से आदर्श ,प्रेरणाश्रोत ,शान व पूज्यनीय है उसी तरह रणबीर सेना के सुप्रीमो रहे वीर ब्रमेश्वर मुखिया ,7 नवंबर 2019 को पटना के गांधी मैदान में आयोजित भूमिहार-ब्राह्मण एकता महारैली में भगवान करार कर दिये जाएंगे । जिसके साक्षी महारैली में जुटने वाले लाखों लोग बनेंगे ।इसकी तैयारियां बीते 6 माह से भूमिहार-ब्राह्मण एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार के नेतृत्व में प्रचार -प्रसार चल रही थीं ।  90 के दशक में जब ऊंची जाति से आनेवाले लोगों की हत्याएं कर नक्सली संगठन जमीन पर कब्जा जमा रहे थे तो आरा जिला के खोपीरा गांव निवासी ब्रमेश्वर मुखिया ने रणबीर सेना का गठन कर, ऊंची जातियों को संगठित कर नक्सलियों से लोहा लेकर मां, बहन ,बेटियों को इज्जत बचाया था एवं भूमि (जमीन -जायदाद ) सुरक्षित रखा था। ब्रमेश्वर मुखिया के बलिदान को ऊंची जातियों के लोग आदर्श मानते हैं । केन्द्रीय मंत्री गिरीराज सिंह ने ब्रमेश्वर मुखिया को शहीद करार दिया था।

उचित सम्मान व वास्तविक हिस्सेदारी के लिए महारैली – आशुतोष

     भूमिहार-ब्राह्मण एकता मंच के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशुतोष कुमार का कहना हैं की हमें किसी वर्ग जाति से विदवेष नहीं है बल्कि सबके प्रति सम्मान हैं । भूमिहार-ब्राह्मण जाति तो शुरू से ही उदार होते हैं । राज्य ,राष्ट्र ,समाज ,मानव जाति ,व प्रकृति की सुरक्षा करना हमें संस्कार में मिला हैं । सभी जातियों का अपना -अपना संगठन हैं । बहुत से ऐसे लोग है जिनका राष्ट्र निर्माण में कोई योगदान नहीं हैं लेकिन राजनीतिक लाभ में पहले चरण पर हैं । भूमिहार-ब्राह्मण जाति के लोगों की कुर्बानी ऐतिहासिक हैं ,स्वतंत्रता संग्राम से लेकर आज तक राष्ट्र की सुरक्षा में सबसे अधिक कुर्बानी देते हैं । वर्तमान समय में भूमिहार-ब्राह्मण जाति को गहरी साजिश के तहत ,फूट डालवाकर हासिएं पर रखा जा रहा हैं । जिसे लोगों ने समझ लिया हैं ।अब ऐसा चलने वाला नहीं हैं हमें अपने हिस्से का हिस्सेदारी सभी क्षेत्रों में मिलना चाहिए । जो हमें उचित सम्मान और हिस्सेदारी देगा भूमिहार-ब्राह्मण उसका ही साथ देंगे /साथ चलेंगे । गांधी मैदान में आयोजित भूमिहार-ब्राह्मण एकता महारैली हक की लड़ाई का आगाज हैं । आपसी विदवेष को अलग कर लाखों की संख्या में चाचा ,भाई, बहने पहुंचेगे। रैली पूर्ण रूप से शांतिपूर्ण रहेंगी ।

ब्रमेश्वर मुखिया पर 277 लोगों के हत्या का लगा था आरोप , 16 मामले में बरी

आरा के बेलाऊर गांव निवासी रणबीर चौधरी उर्फ रणबीर सिंह के वीर के कर्मों के आधार पर रणबीर सेना का गठन हुआ था। सन् 1994 में रणबीर सेना का सुप्रीमो ,ब्रमेश्वर मुखिया को बनाया गया । ऊंची जातियों के प्रतिष्ठा व सुरक्षा को लेकर ब्रमेश्वर मुखिया ने नक्सलियों से लोहा लिया । 22 अलग-अलग मामले में 277 लोगों की हत्या का आरोप ब्रमेश्वर मुखिया पर लगा था । इसमें 1 दिसंबर 1997 में हुये लक्ष्मणपुर बांथे नरसंहार शामिल है ,जिसमें कुल 58 दलित मारे गये थे।
  29 अगस्त 2002 को पटना के एक्जीविशन रोड से ब्रमेश्वर मुखिया को गिरफ्तार किया गया था।  9 वर्षों तक ब्रमेश्वर मुखिया बिहार के विभिन्न जेलों में रहे ।इस दौरान साक्ष्य के अभाव में कुल 16 मामले में बरी कर दिये गये ।  8 जुलाई 2011 को जमानत पर रिहा हुये ।  जमानत पर छूट कर आएं अभी एक वर्ष भी नहीं बीता था की  1 जून 2012 को आरा स्थित कतिरा मुहल्ले में सुबह टहलने के दौरान गोली मारकर हत्या कर दिया गया ।  रणबीर सेना सुप्रीमो ब्रमेश्वर मुखिया की हत्या की जांच सीबीआई कर रही है लेकिन आजतक खाली हाथ है, 7 वर्ष बीत जाने के बाद भी हत्या का कारण अब तक स्पष्ट नहीं हो सका हैं ।
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