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क्या आपने जाना सेक्स और वजाइना से जुड़ी अहम बातें

हमारे देश में सेक्स को लेकर कभी भी खुलकर बातें नहीं की जाती हैं। यही वजह है की सेक्स को लेकर मर्द और औरत के दिलो दिमाग पर कई गलत बातें या भ्रम हावी हो जाते हैं। जैसे की सेक्स करने से और सेक्स ना करने से वजाइना  में बदलाव हो जाता है। कई लोगों को लगता है की सेक्स से वजाइना  का आकार बदल जाता है। पर ऐसा सच में होता है? आइजे जानते हैं सच क्या है।

सबसे पहले यह जानना आवश्यक है की वजाइना एक जैसी नहीं बल्कि कई तरह की होती हैं। ठीक उसी तरह से जिस तरह पुरुषों के पेनिस भी अलग-अलग होते हैं। स्त्री के अनुरूप वजाइना  का आकार, रंग और रचना भिन्न होती है। कामासुत्रा के मुताबिक़ हम स्त्री -पुरुषों को वजाइना  और पेनिस के आधार पर वर्गीकृत किया गया है।

दूसरी अहम बात जब आप सेक्स के लिए तैयार हो जाते हैं तो वजाइना  में प्राकृतिक तौर से ढीलापन आ जाता है ताकि पेनिस प्रवेश कर सके। वजाइना  के चिकनेपन से पेनिस आसानी से वजाइना  में प्रवेश करता है।

पेनिस जब वजाइना  में प्रवेश करता है तो वजाइना  की पेनिस पर मजबूत पकड़ दोनों के लिए आनंददायी होती है। लेकिन वजाइना  की यह मजबूती भी कुछ समय के लिए ही होती है। क्योंकि यह वह समय होता है जब वजाइना  में रक्त प्रवाह बढ़ जाता है और वजाइना  की पकड़ अपने आप मज़बूत होने लगती है।

वजाइना  की पकड़ मजबूत होना यह भी प्राकृतिक होता है। चरम आनंद की प्राप्ति के लिए यह बेहद ज़रूरी होता है। लेकिन एक बार जब चरम आनंद की प्राप्ति हो जाती है तो स्त्री-पुरुष दोनों के शरीर शिथिल हो जाते हैं। स्वाभाविक है की वजाइना  भी इसी कारण शिथिल हो जाती है या कह सकते है की उसका आकार बड़ा हो जाता है। लेकिन कुछ समय बाद वजाइना  अपना पूर्व आकार फिर प्राप्त कर लेती है अरु पहले की तरह टाइट हो जाती है।

बता दें की वजाइना  एक इलास्टिक बैंड की तरह है जिसका आकार ज़रूरत के मुताबिक़ कम या ज़्यादा हो सकता है। ऐसे में आप कितनी बार सेक्स करते हैं और पेनिस का आकार कितना बड़ा है इन बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है। आपको यह जानकारी कैसी लगी आप हमें अपनी राय ज़रूर दें।

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