उत्तर प्रदेशलखनऊ

यूपी डायल -112  मुख्यालय पहुंचे मुख्यमंत्री , सुरक्षा -व्यवस्था का लिया जायजा

-अयोध्या प्रकरण के बाद भी हाई अलर्ट जारी
लखनऊ ।  अयोध्यावासियों के लिए शनिवार का दिन एक नई सुबह लेकर आया। सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले का हिंदू-मुस्लिम दोनों ही पक्षों ने स्वागत व सम्मान किया। भले ही फैसला मंदिर निर्माण के पक्ष में आया हो लेकिन सरकार ने सजगता दिखाते हुए आनन-फानन में ऐलान किया कि कोई भी पक्ष खुशी के इजहार के लिए सड़कों पर नहीं उतरेगा। किसी भी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सुबह से ही पुलिस व प्रशासन अलर्ट रहा। समूचे उत्तर प्रदेश में धारा 144 लागू की गई, चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात किए गए, बाजारों में अचानक राशन की खरीदरी तक बढ़ गई, स्कूल-कॉलेज व सभी कोचिंग इंस्टीट्यूट बंद रहे, कई जिलों में इंटरनेट सेवाएं भी बाधित रहीं, यहं तक कि किसी भी तरह के भड़काऊ पोस्ट या बयानबाजी को लेकर भी प्रशासन अलर्ट रहा। अयोध्या प्रकरण से सद्धाव और सहजता कायम रखने की अपील की गई। अयोध्या प्रकरण के बाद यूपी में किसी भी तरह के जश्न के माहौल पर प्रतिबंध लगाया गया। सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस ने आतिशबाजी पर रोक लगाई। एसएसपी लखनऊ ने सभी अधीनस्थ अधिकारियों को आतिशबाजी बंद कराने के निर्देश दिए। सिर्फ आतिशबाजी ही नहीं बल्कि किसी भी तरह की नारेबाजी या जुलूस जो सांप्रदायिक माहौल खराब करे, पर भी प्रतिबंध लगाया गया।
प्रदेश की सुरक्षा व्यवस्था को परखने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ यूपी 112 मुख्यालय पहुंचे। उनके निर्देश पर वहां इमरजेंसी आॅपरेशन सेंटर बनाया गया, जोन वार डेस्क बनाए गए, 112 हेल्पलाइन नंबर पर आने वाली सूचानाओं पर कड़ी नजर रखी गई। इससे पहले उन्होंने ट्वीट कर भी लोगों से कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था के साथ खिलवाड़ किए जाने पर कड़ी कार्रवाई होगी। अयोध्या फैसले को लेकर पूरे राज्य में कड़े बंदोबस किए गए। प्रदेश की जेलों में अलर्ट जारी किया गया। डीजी जेल आनंद कुमार ने जेल के अधिकारियों को जिला प्रशासन के निरंतर संपर्क मे रहने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि कैदियों द्वारा सांप्रदायिक सद्धाव बिगाड़ने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी। डीजीपी ओपी सिंह ने सख्त हिदायत दी कि किसी भी तरह के भड़काऊ बयानबाजी पर कार्रवाई की जाएगी।

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