झाँसी

केन्द्र की परियोजनाओं के निर्माण में आ रही बाधायंे की हुई समीक्षा

अजीत चौधरी 
झांसी। भारत सरकार की महत्वपूर्ण परियोजनाओं के निर्माण में लापरवाही बर्दास्त नहीं होगी। परियोजनाओं के लिए जहां भूमि अधिग्रहण की जानी है अथवा क्रय की जानी है उसमें संवेदनशीलता व समयान्तर्गत कार्य पूर्ण किये जाये। परियोजनाओं में पर्याप्त धन की उपलब्धता है, इस लिए कार्य में तेजी लाये। उक्त निर्देश अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश ने बुधवार को नियोजन सभा कक्ष से वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से भारत सरकार की परियोजनाओं के निर्माण में आ रही बाधायंे व समस्याओं की समीक्षा करते हुये दिये।
अपर मुख्य सचिव नियोजन कुमार कमलेश ने भारत सरकार की प्रदेश में निर्माणाधीन अनेकों परियोजनाओं के प्रगति की समीक्षा करते हुये जिलाधिकारी से बात की और हो रहे कार्यांे की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने वीसी के माध्यम से प्रदेश में विभिन्न राष्ट्रीय राजमार्गो के निर्माण में एनएचएआई को भूमि उपलब्ध कराये जाने व रेलमार्ग के दोहरीकरण अन्तर्गत भूमि की उपलब्धता सुनिश्चित कराये जाने पर विभिन्न निर्देश दिये। वीडियो कान्फ्रेसिंग के माध्यम से जिलाधिकारी शिवसहाय अवस्थी ने बताया कि जनपद में झांसी-भीमसेन रेलमार्ग के दोहरीकरण के लिए प्रस्ताव शासन को 19 मई 2018 को प्रेषित कर दिया गया था। प्रस्ताव में राजकीय कृषि विद्यालय चिरगांव के कृषि फार्म की कुछ भूमि दोहरीकरण में प्रस्तावित हंै, जिसका प्रस्ताव भेजा जा चुका है। इसके साथ ही मानचित्र की सारी औपचारिकता प्रेषित की जा चुकी और शासन स्तर से हस्तान्तरण की अनुमति प्राप्त करना शेष है। उन्होंने कहा कि पजेशन में कोई बाधा नहीं है, कार्य प्रारम्भ कराया जा सकता है। इस मौके पर डीएफओ वीके मिश्रा, एडीएम राम अक्षयवर, डीडी कृषि कमल कटियार, डिवीजनल इंजी. रेलवे सौरभ कुमार आदि उपस्थित रहे

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