झाँसी

खजुराहो की खोज एपिसोड में 14 नवंबर को इंडिया मर्वल्स एण्ड मिस्ट्रीज

अजीत चौधरी
झांसी। झांसी से चार घंटे की दूरी पर स्थित खजुराहो अपनी कला से दुनियाभर के पर्यटकों को अपनी ओर खींचता है। पूरे विश्व में खजुराहो को मुख्यरूप से कामसूत्र के कलात्मक चित्रण और कामुक मूर्तियों से सजे मंदिरों के कारण जाना जाता है। यहां के मंदिरों की तरह ही खजुराहांे की कहानी भी बहुत अद्भुत है।
सालों पहले हेमवती नाम की एक बहुत खूबसूरत नारी पर चंद्र देवता का दिल आ गया और उनके प्रेम मिलाप स्वरुप जन्म हुआ। चंदेल वंश के पहले राजा चन्द्रवर्मन का। खजुराहो के 84 भव्य मंदिरों का श्रेय जाता है चन्देलवंशी राजाओं को। खजुराहो के मंदिरों की बाहरी दीवारों पर कामसूत्र एवं प्रेम से सम्बंधित अनेक चित्रों को शिल्पकला के माध्यम से बहुत सुंदरता से दर्शाया गया है। चंदेल वंश के पतन के साथ-साथ खजुराहो के मंदिर भी इतिहास की धूल में दब गए। 800 साल बाद ब्रिटिश आर्मी इंजीनियर कप्तान टी एस बर्ट ने इन मंदिरों की पुनर्खोज की। आज 84 में से सिर्फ 24 मंदिर ही बचे हैं। इन मंदिरों की विशेषता सिर्फ कामसूत्र ही नहीं है, बल्कि ये कैसे हैं वास्तुकला और शिल्प के उत्कृष्ट उदाहरण, ये जानने के लिए देखिए 14 नवंबर को रात 8 बजे हिस्ट्री टीवी का कार्यक्रम ‘इंडिया मर्वल्स एण्ड मिस्ट्रीज। इंडिया मर्वल्स एण्ड मिस्ट्रीज भारत की अद्भुत एवं अनसुनी कहानियों से सजा एक अत्यंत रोमांचकारी एवं मनोरंजक कार्यक्रम है। ये भारत के इतिहास के पन्नों में दबे अजूबों और आश्चर्यचकित करने वाले किस्सों को बड़े ही रोचक अंदाज में प्रस्तुत करता है।

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