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मां के लिये अच्छा पति के तलाश में एक युवा की पोस्ट

पश्चिम बंगाल के हुगली ज़िले में फ्रेंच कॉलोनी रहा चंदननगर अक्सर जगद्धात्री पूजा और बिजली के कारीगरों की वजह से सुर्खियों में रहता है. लेकिन इस बार वो इलाके के एक युवक गौरव अधिकारी के फ़ेसबुक पर लिखे इस पोस्ट के कारण सुर्खियों में है.

पांच साल पहले गौरव के पिता का निधन हो गया था. उसके बाद उनकी 45 वर्षीया मां घर में अकेले ही रहती हैं. लेकिन आखिर उन्होंने फ़ेसबुक पर ऐसी पोस्ट क्यों लिखी?

गौरव बताते हैं, “मेरे पिता कुल्टी में नौकरी करते थे. वर्ष 2014 में उनके निधन के बाद मां अकेले पड़ गई हैं. मैं अपने माता-पिता की इकलौती संतान हूं. मैं सुबह सात बजे ही नौकरी पर निकल जाता हूं और लौटने में रात हो जाती है. पूरे दिन मां अकेले ही रहती हैं. मुझे महसूस हुआ कि हर आदमी को साथी या मित्र की जरूरत है.”

गौरव ने बताया, “मैंने मां से बात की थी. मां मेरे बारे में सोच रही हैं. लेकिन मुझे भी उनके बारे में सोचना है. एक संतान के तौर पर मैं चाहता हूं कि मां के जीवन के बाकी दिन बेहतर तरीके से गुजरें.”

गौरव ने आखिर अपने फेसबुक पोस्ट में क्या लिखा है? उन्होंने लिखा है, “मेरी मां डोला अधिकारी हैं. मेरे पिता का निधन पांच साल पहले हो गया था. नौकरी की वजह से मैं अधिकतर घर से बाहर रहता हूं. इससे मां अकेली पड़ जाती हैं. मेरी मां को किताबें पढ़ना और गाने सुनना पसंद हैं. लेकिन मैं अपनी मां के लिए एक साथी चाहता हूं. मुझे लगता है कि पुस्तकें और गीत कभी किसी साथी की जगह नहीं ले सकते. एकाकी जीवन गुजारने की बजाय बेहतर तरीके से जीना ज़रूरी है. मैं आने वाले दिनों में और व्यस्त हो जाऊंगा. शादी होगी, घर-परिवार होगा. लेकिन मेरी मां? हमलोगों को रुपये-पैसे, जमीन या संपत्ति का कोई लालच नहीं हैं. लेकिन भावी वर को आत्मनिर्भर होना होगा. उसे मेरी मां को ठीक से रखना होगा. मां की खुशी में ही मेरी खुशी है. इसके लिए हो सकता है कि कई लोग मेरी खिल्ली उड़ाएं या किसी को लग सकता है कि मेरा दिमाग ख़राब हो गया है. ऐसे लोग मुझ पर हंस सकते हैं. लेकिन उससे मेरा फैसला नहीं बदलेगा. मैं अपनी मां को एक नया जीवन देना चाहता हूं. चाहता हूं कि उनको एक नया साथी और मित्र मिले.”

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