उत्तर प्रदेशपीलीभीत

प्रशासन की रडार बाली नजूल भूमि पर अपात्र लाभार्थी करा रहे पीएम आवास का निर्माण

पीलीभीत। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ लेने के लिए नजूल की जमीन को अपनी संपत्ति बताकर शहर के कई लाभार्थियों ने विभाग के साथ ही नहीं बल्कि सरकार के साथ भी धोखाधड़ी कर दी है। नगरीय विकास अभिकरण की परियोजना अधिकारी ने भूमि स्वामित्व को लेकर लाभार्थियों से कोई भी दस्तावेज तलब नहीं किया है और मिलीभगत कर अपात्र लाभार्थियों को प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना का लाभ देकर उन्हें मालामाल कर दिया। आपको बताते चलें कि देश भर के विभिन्न प्रदेशों सहित पीलीभीत में प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना प्रभावी है। शहर में हर एक पात्र व्यक्ति को पीएम आवास योजना का लाभ देने के लिए पीओ डूडा अनामिका सक्सेना प्रयासरत हैं , तो वहीं अपात्रों को भी उन्होंने पीएम आवास का लाभ देने में कोई कोर कसर नहीं रखी है। पीओ डूडा ने ऐसे अपात्र लोगों को भी पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया है , जो नजूल की विवादित जमीन पर अबैध कब्जा कर बैठे हैं और प्रशासन की रडार पर हैं। बताते चलें कि शहर स्थित सीतापुर आंख अस्पताल के पास हनुमान मंदिर वाली गली में वार्ड नंबर 16 निवासी बालमुकुंद पुत्र नोनी राम ने डूडा विभाग के भर्स्ट बाबुओं से मिलीभगत कर नजूल की विवादित जमीन पर स्वामित्व बताकर पीएम आवास योजना शहरी का लाभ प्राप्त कर लिया। नजूल की जमीन को अपना बताने बाले बालमुकुंद ने डूडा विभाग द्वारा मिली धनराशि से नजूल की जमीन पर आवास का निर्माण करके जमीन को हथियाना शुरू कर दिया है। ज्ञात रहे कि जरूरतमंद पात्र लाभार्थियों को सालभर गुजरने के बाद भी समस्त औपचारिकताएं पूरी होने के बाद भी धनराशि नही मिल रही है , जबकि डूडा विभाग के दलाल बाबुओं और कार्यरत एजेंसी के कर्मचारियों की मिलीभगत के कारण अपात्र लोग कब आवेदन करते है?कब उनके पात्र होने की सर्वे हो जाती है?और कब उनका नाम डीपीआर में सैंक्शन कराने के बाद धनराशि भेज दी जा रही है , इसका कुछ पता ही नही चलता। जानकारी के मुताबिक उन्ही लोगों को डूडा के भर्स्ट बाबू नियमों का पाठ पढ़ाते हैं , जिनसे उन्हें कुछ मिलने की उम्मीद नही होती। बाकी लोगों का तो सर्वे भी नही कराया जा रहा है।विश्वसनीय सूत्रों की माने तो सैकड़ों पात्र-अपात्र ऐसे लाभार्थी भी हैं , जिनके आवेदन पत्र तक डूडा कार्यालय में नही हैं और उन्हें धन के बल पर पीएम आवास योजना का लाभ दे दिया गया है। लोगों द्वारा पीएम आवास योजना शहरी व अपात्र लाभार्थियों से संबंधित जिलाधिकारी को दर्जनों शिकायतें प्राप्त कराई जाती हैं , लेकिन प्रशासन द्वारा कोई भी ठोस कार्यवाही न करने के कारण डूडा विभाग के भर्स्ट बाबुओं ने भ्रष्टाचार की हद पार कर दी है। आपको बता दें कि नजूल की भूमि पर पीएम आवास निर्माण का यह कोई नया मामला नहीं है। इससे पूर्व दुलवानी बैंकट हॉल के बराबर में भी डूडा विभाग द्वारा नजूल की संपत्ति पर प्रधानमंत्री आवासीय योजना के तहत आवास बनवा दिया गया है। वार्ड नंबर 14 व 20 के वार्ड सभासदों की विभाग के भर्स्ट बाबुओं से सांठगांठ रहती है, जिसके कारण पात्र लोगों को आवासीय लाभ ना मिलकर अपात्र लोगों के आवास जल्द ही बनवा दिए जाते हैं। फिलहाल मामले में पीओ डूडा अनामिका सक्सेना ने बताया कि मामला संज्ञान में आने पर लाभार्थी को नोटिस भेजा गया है। प्राप्त कराई गई धनराशि की बसूली की जाएगी।

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