हरदोई

कछौना कस्बे में मिलावट खोरी जोरों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग की मौन स्वीक्रति

कछौना कस्बे में मिलावट खोरी जोरों पर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मौन स्वीक्रति
हरदोई /14 सितम्बर खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा मिलावटखोरो की मिलीभगत के चलते खाद्य पदार्थों में जमकरमिलावट चल रही है /बिभाग के अधिकारियों द्वारा खाद्य प्रतिष्ठानों व ढूध डेरियों से माहवार सुविधा शुल्क बंधा है /आमजनमानस के स्वास्थ्य के साथ खुलेआम खिलवाड़ किया जा रहा है बताते चले कछौना कस्बे में किराना की दुकानों पर खाद्य पदार्थ तेल, नमकीन दालों में मिलकर मिलावट की जा रही है मिठाई दुकानदार भी जमकर नकली मिठाई तैयार कर बाजारों में बेची जा रही है/ जिसके चलते न चाहते भी/
इसके बावजूद इन दुकानों पर बिभागीय अधिकारियों की लोग बीमारी की चपेट में आ रहे हैं/ इन दुकानों पर खाद्य पदार्थों को रखने को कोई मानक नहीं है/ यहाँ तक की खाद्य पदार्थों पर कोई जाल नहीं लगा होनें के कारण मक्खियां खुले आम बैठती है कोई भी सुरक्षा ब्यवस्था दुकानदारों द्वारा नहीं किया जाता है बिभागीय अधिकारियों के सुबिधा शुल्क के आगे मिलावट से कोई लेना देना नहीं है योगी सरकार के सख्ती के बाद भी गलत तरीके से मांस बिक्री की लाइसेंस जारी कर दी गई है इन दुकानों पर खुलेआम मानकों को ताख पर रख कर बकरा, मुर्गा, काटे जा रहे हैं जबकि लाइसेंस मीट बिक्री हेतु जारी की गई है मिली जानकारी के अनुसार बकरे व मुर्गा के इस्लाटर हाउस में काटने चाहिये लेकिन जिले में कोई भी इस्लाटर हाउस वर्तमान समय में नहीं है नहीं है इसके बावजूद इन दुकानों पर बिभागीय अधिकारियों की कृपापात्र से खुलेआम बिना स्वास्थ्य परीक्षण के पशु काटे जा रहे हैं वहीं कछौना के टुटियारा स्टेशन पर, गाजू मार्ग कुकुही, टिकारी, गाजू, हथौड़ा मार्ग रानी बाग, ज्ञानपुर मोड़ पर दर्जनों दूध डेरी बिना लाइसेंस के धड़ल्ले से चल रही है जिन पर दूध की सुरक्षा हेतु कोई इंतजाम नहीं किये गए हैं खुले ड्रम में एकत्र किया जाता है जिनमें मक्खियां एवं कीड़े पड़ते हैं इन ड्रामों में कोई जाल नहीं डाला गया है वहीं इन दूध डेरी संचालकों द्वारा बड़े पैमाने पर मिलावटी दूध व सिंथेटिक दूध तैयार किया जाता है मिलावट के खिलाफ कानून सख्त होनें के बाद भी मिलावट खोरों के हौसले बुलंद हैं इन मिलावट खोरों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं की जाती है है सूत्रों की माने तो फूड इंस्पेक्टर ने वसूली के लिए एक प्राइवेट कर्मी को उगाही के लिए लगा रक्खा है जो इन दूकानदारों से बड़े पैमाने पर उगाही करके अधिकारियों के पास पहुंचाता है सामाजिक संगठनों ने पूरे मामले की शिकायत सिटी मजिस्ट्रेट से की जिस पर उन्होंने जल्द ही टीम बना मिलावट खोरों के खिलाफ अभियान चलाने का निर्देश दिए
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