लखनऊ

मायावती की मूर्ति तोड़कर चर्चा में आए अमित जानी को शिवपाल ने बताया प्रासपा युवजन सभा का  राष्ट्रीय अध्यक्ष

लखनऊ। पूर्व मुख्यमंत्री और बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति को तोड़कर चर्चा में आये अमित जानी को प्रगतिशील समाजवादी पार्टी (लोहिया) के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवपाल सिंह यादव ने युवजन सभा का राष्ट्रीय अध्यक्ष नामित किया है। अमित जानी ने ट्विटर पर अपनी तस्वीर और पत्र साझा कर इसकी जानकारी दी है। इसके बाद अमित जानी ने प्रेसक्लब में आयोजित एक प्रेसवार्ता में पत्रकारों को ये जानकारी दी है।
लखनऊ प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस वार्ता में अमित जानी ने कहा कि वे सौंपी गई जिम्मेदारी का पूर्ण निष्ठा से निर्वहन करेंगे और देश प्रदेश में पार्टी को मजबूत करेंगे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में किसान, मजदूर, छात्र और आम कारोबारी सरकार की गलत नीतियों से पिस रहा है। उत्तर प्रदेश में आपातकाल जैसा माहौल है। शिवपाल सिंह यादव मुख्यमंत्री बनेंगे तभी उत्तर प्रदेश में जनता को राहत मिलेगी। अमित जानी ने घोषणा की कि वे जल्द ही समाजवादी क्रांति रथ के जरिये…. “शिवपाल यादव का संदेश” कार्यक्रम लेकर उत्तर प्रदेश की 403 विधानसभाओं में जाएंगे।
शिवपाल सिंह यादव के सपा सरकार के समय से ही क़रीबी रहे अमित जानी 2012 में लखनऊ में पूर्व मुख्यमंत्री एवं बसपा सुप्रीमो मायावती की मूर्ति टूटने के मामले में सुर्खियों में आये थे। उस समय तत्कालीन मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से ज़रूर कुछ नाइत्तेफाकी हुई थी लेकिन लगातार 5 साल अमित जानी अपने पितातुल्य नेता एवं मार्गदर्शक शिवपाल यादव के साथ रहे। अमित जानी ने 2012 में ही उत्तर प्रदेश नवनिर्माण सेना का गठन किया था और पूर्व मुख्यमंत्मा यावती की प्रतिमाओं के विरोध में वे सपा के साथ रिश्तों को लेकर चर्चया में आये थे। शिवपाल यादव से नजदीकी होने के कारण वे सपा सरकार के इर्द गिर्द दिखाई देते थे लेकिन अब अमित जानी ने खुलकर शिवपाल यादव की नई राजनीतिक पारी में उनका हाथ थाम लिया है और शिवपाल यादव जी ने भी उनको युवाओ को पार्टी से जोड़ने की कमान सौंपते हुए युवज सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद का दायित्व सौंपा है।
बता दें कि कभी समाजवादी पार्टी का कार्यकर्ता रहे अमित जानी ने शिवपाल के पार्टी छोड़ने के बाद प्रसपा ज्वाइन किया था। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव के दौरान उन्होंने अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ने का ऐलान भी किया था। हालांकि उन्होंने ऐन वक्त पर नामांकन ही नहीं किया. इतना ही नहीं 2009 में महाराष्ट्र में उत्तर भारतियों पर हो रहे हमले के विरोध में उन्होंने नव निर्माण सेना का गठन भी किया था। मेरठ के जानी क्षेत्र के रहने वाले अमित जानी कभी सपा के समर्थक और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के करीबी माने जाते थे। हालांकि लोकसभा चुनाव में उन्होंने खुद को सपा कार्यकर्ताओं से जान का खतरा बताया था। इतना ही नहीं लोकसभा चुनाव से पहले अमित जानी ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ्द एक विवादित पोस्टर भी लगाया था। जिसके बाद उनकी गिरफ़्तारी हुई थी। हालांकि हाईकोर्ट के आदेश के बाद गिरफ़्तारी पर रोक लग गई थी। ताजमहल को लेकर फेसबुक पर की गई टिप्पणी पर उनकी गिरफ़्तारी भी हो चुकी है। अमित जानी आजम खान से खुद की जान को खतरा बताते हुए सुरक्षा की गुहार भी लगा चुके हैं।
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