लाइफ स्टाइलशिक्षा—रोजगार

ये आदतें ऑफ़िस के प्रेशर को रखती हैं कम और आपको रखती हैं फिट

अपना घर, अच्छा लाइफ स्टाइल, मन का करने की आज़ादी ये सब भला किसे अच्छा नहीं लगता. इंसान की ज़रूरतें अब रोटी कपड़ा और मकान से कहीं बड़ी हो गयी हैं. इन्हें पाने के लिए चाहिए होता है पैसा, जिसे कमाना आसान नहीं.

अब हर कोई बिजनसमैन तो नहीं बन सकता. ना ही हर किसी का फैमिली बैकग्राउंड इतना मजबूत नहीं होता वो अपने हर सपने को आसानी से पूरा कर सके. ऐसे में लोग अच्छी नौकरी खोजते हैं. जहां मेहनत के बदले अच्छा पैसा मिल सके.

असल में हम नौकरी करते समय अपना दिमाग और अपना शरीर सामने वाली कंपनी को किराये पर दे रहे होते हैं. हमारी इस शारीरिक और मानसिक मेहनत के बदले वे हमें पैसे देते हैं. दुनिया की आधी आबादी ऑफ़िस की कुर्सियों पर ही बैठी दिखती है.

दूसरों के लिए मेहनत कर के लोग अपने सपने पूरे कर रहे हैं. इन सबके बीच इंसान जाने अनजाने में मानसिक रोगी बनने की तरफ कदम बढ़ा रहा होता है. ऑफ़िस का लोड दिमागी क्षमता से ज़्यादा ले रहा होता है. दूसरी तरफ प्रतिस्पर्धा इतनी है कि ऐसा ना करे तो सारे सपने धरे के धरे रह जाएं.

ऐसे में लोग सोचते हैं कि क्या किया जिससे नौकरी भी बनी रहे और और हम बीमार भी ना हों. तो चलिए आपको बताते हैं वो बातें जिनका ध्यान रख कर आप ऑफ़िस में बढ़ रहे काम के प्रेशर को भी कम कर पाएंगे तथा फिट भी रहेंगे-

Lifestyle

1. जितनी क्षमता हो उतना ही काम करें

ये तो ज़ाहिर सी बात है कि आपके इंटरव्यू के दौरान आपकी प्रतिभा और काम करने की क्षमता को देख कर ही आपको नौकरी दी गयी होगी. शुरुआत में आपने काम भी उतना ही किया होगा.

पहले आपको अपना काम आरामदायक लगा. आगे समय के साथ आपका जोश भी घटता गया. काम को लेकर मानसिक दबाव भी बढ़ता गया. जानते हैं इसका कारण क्या है? इसका कारण है आपका तेजी से आगे बढ़ने की सोच रखना.

आप अपनी इमेज बनाने और पोजीशन बढ़ाने के लिए क्षमता से ज़्यादा काम करने लगे हैं. काम बढ़ने के साथ-साथ आपका मानसिक दबाव भी बढ़ गया है.

मगर आप ये नहीं सोच रहे कि आप शारीरिक और मानसिक तौर पर स्वस्थ रहेंगे. तभी अपनी नौकरी सही से कर पाएंगे. वर्ना नौकरी भी जाएगी और बीमार होने पर मेडिकल का ख़र्चा अलग से उठाना पड़ेगा. तो इसलिए काम उतना ही करें जितना आपका दिमाग संभाल पाए.

2. मेहनत से ज़्यादा समझदारी से काम लें

अगर आप ऑफ़िस की डेस्क जॉब कर रहे हैं, तो आपको सबसे पहले ये बात ध्यान में रखनी होगी कि यहां आपकी मेहनत से ज़्यादा आपकी समझदारी मायने रखती है. ऐसा ना हो कि जो काम समझदारी से कुछ मिनटों में हो जाने वाला हो उस पर आप घंटों मेहनत करते रहें.

ये आपके काम के लेवल को ऊपर उठाने की बजाय नीचे गिरा देगा. कोई भी संस्था अपने यहां ऐसे एम्लोई चाहती है, जो कम समय में बेहतर काम करना जानते हों.

अगर आप समझदारी से काम लेंगे तो आपकी मेहनत और समय दोनों की बचत होगी. आप एक्सट्रा वर्क लोड से भी बच जाएंगे. इसके अलावा सीनियर्स के सामने आपके नंबर बढ़ेंगे सो अलग.

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3. पूरी नींद लें

ये बात हमेशा याद रखें कि आप अपने लिए कमा रहे हैं. घर बार छोड़ कर आप दूसरे शहर में इसलिए आए हैं क्योंकि आप अपने लिए एक अच्छी ज़िंदगी चाहते हैं.

मसलन खाने और सोने में कोई कटौती ना करें. ऑफ़िस के सारे काम वहीं निपटा कर आएं. घर पर खुद को और परिवार को समय दें तथा समय से सोने और जागने की आदत डालें. आप ये अपना नियम बना लें कि ऑफ़िस को ऑफ़िस तक ही सीमित रखना है.

हां! अगर कोई बहुत ज़रूरी काम है तो अलग बात है. लेकिन इसके बावजूद भी काम के लिए नींद में कटौती ना करें. कम सोने से दिमाग को आराम नहीं मिलता और दिमाग को आराम नहीं मिलेगा तो इसका जल्दी थक जाना स्वभाविक है.

4. खाने का रखें विशेष ध्यान

ये बात मैं पहले ही लिख चुका हूं कि आप कमाते किस लिए हैं. इसलिए हर काम से पहले समय पर खाने को प्राथमिकता दें. समय पर खाएं और पौष्टिक खाएं. कई बार हम काम के लोड में खाना भूल जाते हैं और इसके अलावा ऑफ़िस के दोस्तों के साथ अक्सर बाहर खाना हो जाता है.

ये सब मिल कर आपकी पाचन क्रिया को बिगाड़ सकता है. और आप ये अच्छ से जानते हैं कि शरीर के बीमार होने के साथ ही दिमाग अपने आप सुस्त हो जाता है. इसलिए समय से भोजन करने के साथ साथ हर तरह के पौष्टिक आहार लेने में लापरवाही ना करें.

Lifestyle

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