अंतरराष्ट्रीय

चीन: अब नया मोबाइल नंबर लेने के लिए देनी होगीं फेस स्कैनिगं (चेहरे की पहचान)

चीन ने नया मोबाइल नंबर लेने के लिए उपभोक्ता को फेस स्कैन (चेहरे की पहचान) कंपनियों को देना अनिवार्य कर दिया गया है। इस नियम के खिलाफ चीनी नागरिक अपने यहां सोशल मीडिया मंचों पर असहमति दर्ज करा रहे हैं। वहीं, चीनी सरकार कह रही है कि नया नियम ऑनलाइन यूजर की सुरक्षा बढ़ाएगा।

चीन के औद्योगिक और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने रविवार को एक नोटिस जारी किया, जिसमें फेस स्कैन की अनिवार्यता के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि 2013 से ही चीन में वास्तविक नाम से मोबाइल नंबर जारी किए जाने के नियम का कढ़ाई से पालन हो रहा है। अब सरकार ने एककदम आगे जाकर कहा है कि कंपनियां उपभोक्ताओं की पूरी जानकारी रखने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस तकनीक का इस्तेमाल करें।

बायोमीट्रिक डाटा असुरक्षित : मोबाइल फोन उपभोक्ता इस बात को लेकर डरे हुए है कि कहीं मोबाइल कंपनियां उनका बायोमीट्रिक डाटा अपने लाभ के लिए बेच न दें या कहीं यह लीक न हो जाए।

निजता को खतरा : चीनी सोशल मीडिया मंचों पर यूजर इस मामले में प्रतिक्रिया दे रहे हैं। वीबो पर एक यूजर ने लिखा … ‘नियंत्रण.. फिर और नियंत्रण’। कुछ यूजर ने यहां तक कहा कि इस तरह सरकार आम नागरिकों की निजी जीवन में और दखल देने लगेगी।

2012 में हुआ था भारी विरोध : सोशल मीडिया मंच वीबो ने 2012 में वास्तविक नाम से सोशल मीडिया खाता पंजीकरण शुरू किया था। इस बात का चीनी जनता ने इतना विरोध किया कि कंपनी को यह योजना वापस लेनी पड़ी थी।

सर्विलांस स्टेट बन चुका है चीन 
एक पार्टी व्यवस्था वाले इस देश में विकास चाहे जितना तेजी से हो रहा हो लेकिन आम नागरिकों की स्वतंत्रता और निजता एक किनारे है। यहां मॉल में प्रवेश से लेकर सार्वजनिक स्थानों की निगरानी तक के लिए चेहरा पहचानने की कृत्रित बुद्धिमत्ता तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है।

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