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बिहार: दिल दहला देने वाला है ये वीडियो : अपहरण के तीन साल बाद भी एफआईआर नहीं, कोठे पर तौल दी गयी नाबालिग!

>> डेढ़ साल के शोषण के बाद नाबालिग को 40 हजार में बेच दी गयी एक 70 वर्ष के बुजुर्ग के साथ
>> फर्जी कागज तैयार कर मध्यप्रदेश के राघवेन्द्र शर्मा ने रचा ली है शादी, कर रखा हैं कैद
>> अपनी व्यथा का वीडियो वायरल कर प्रधानमंत्री मोदी से शारो खातुन आजादी के लिए लगा रही गुहार
>> पीड़ि़त शारो खातुन के पिता नीतीश कुमार के रैली में आएं थे पटना, लापता हुये तो आज तक नहीं मिले

रवीश कुमार मणि
पटना (अ सं)। बिहार में महिलाएं/लड़कियां कितनी सुरक्षित हैं और इनकी सुरक्षा को लेकर पुलिस कितना गंभीर हैं, पीडि़ता की वायरल वीडियो देखकर सबकुछ समझ जाएंगे। औरंगाबाद की रहने वाली शारो खातुन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को, मोदी भईया का संबोधन कर न्याय की गुहार लगा रही हैं। शारो खातुन के अपहरण के तीन साल बीत जाने के बाद भी पुलिस ने अब-तक एफआईआर दर्ज नहीं किया हैं। बदमाशों ने शारो खातुन को कोठे पर तौल दिया । डेढ़ वर्षों के शारीरिक शोषण के बाद शारो खातुन को मध्यप्रदेश के राघवेन्द्र शर्मा के हाथ 40 हजार में बेच दिया गया हैं ,जहां आज भी वह कैद हैं और अपनी आजादी का इंतज़ार कर रही हैं। समाजसेवी मो एकलाख ने बिहार के डीजीपी को पत्र लिखकर कार्रवाई करने की मांग की हैं। स्थानीय पुलिस से लेकर आला अधिकारियों के आवेदन दिये 22 दिन , फिर एक बार गुजर गया लेकिन एफआईआर करना भी उचित नहीं समझा हैं। इधर गोह के राजनीति पार्टी के नेता श्याम सुंदर ने स्थानीय पुलिस के खिलाफ आंदोलन करने की घोषणा किया हैं।

औरंगाबाद से अपहरण कर ले गया आगरा
बिहार के औरंगाबाद जिले के गोह थाना क्षेत्र के डाढ़ा गांव निवासी गफार शाह की नाबालिग पोती शारो खातुन बीते तीन वर्ष पहले अपने गांव से अचानक रूप से गायब हो गयी। पीड़ि़त परिजनों ने उस समय स्थानीय थाना में शिकायत किया। उस वक्त पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की और आश्वासन दिया की किसी के साथ चली गयी होगी, लौटकर आ जाएंगी। तीन वर्षों तक लौटकर नहीं आयीं अचानक तीन वर्षों बाद शारो खातुन का एक वीडियो वायरल हुई तो उसने बताया की एक महिला और दो पुरूष, क्रमशः निर्मला देवी, दिनेश और बब्लू ने गोह बस स्टैंड से अपहरण कर लिया और आगरा में लेकर चले आएं।

आगरा के कोठे पर तौल दी गयी नाबालिग
अपहरण में शामिल महिला निर्मला देवी का आगरा में वैश्यावृति का धंधा हैं । वायरल वीडियो में शारो खातुन कहं रही हैं की उसका एक से डेढ़ वर्षों तक आगरा में शारीरिक शोषण किया । इस दौरान मुझे कई तरह से पड़तारित किया गया । मेरे साथ सभी ने बल का इस्तेमाल किया । मैं बार-बार घर जाने के लिए जिद करती थी तो मुझे मारपीट किया जाता हैं और लगातार शारीरिक शोषण किया जाता रहा। मेरे विरोध का कोई असर नहीं हुआ।

मध्यप्रदेश के 70 वर्षीय बुजुर्ग के हाथ बेच दी गयी नाबालिग
अपहरणकर्ताओं ने शारो खातुन का सिर्फ शारीरिक शोषण ही नहीं कराया बल्कि दो वर्ष पहले मध्यप्रदेश के जिला मुरैना, गोपी चंद्र बरेह निवासी, 70 वर्षीय बुजुर्ग राघवेन्द्र शर्मा के हाथों 40 हजार रूपये लेकर बेच दिया। दो वर्षों से शारो खातुन उक्त राघवेन्द्र शर्मा के घर में कैद हैं। अपहरणकर्ताओं ने साजिश रचकर फर्जी कागज तैयार कर शारो खातुन का शादी भी राघवेन्द्र शर्मा से करा दिया हैं ।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मोदी भईया कहं शारो खातुन ने लगायी गुहार
तीन साल पहले अपहरण गयी शारो खातुन के परिवार वाले ने यह मान लिया था की अब शारो खातुन दुनिया में शायद नहीं रही। बल्कि जैसे ही लोगों ने शारो खातुन का वायरल वीडियो देखा, परिवार वाले सहित गांव वाले भी शारे खातुन को पहचान गये। दर्जनों लोगों ने हस्ताक्षर युक्त और आधार कार्ड का फोटो कॉपी देकर स्थानीय पुलिस से कार्रवाई की मांग की हैं।
वीडियो में शारो खातुन घटित घटना का पुरा ब्यौरा कहते सुनी जा रही हैं। वीडियो मे शारो खातुन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मोदी भईया कहंकर संबोधन कर रही है और रो-रोकर गुहार लगा रही हैं मोदी भईया मुझे बचा लीजिए ……

मां पहले मर गयी बाप नीतीश जी रैली में गया सो लौटकर नहीं आया
शारो खातुन के किस्मत में सिर्फ़ दुख और पीड़ा ही लिखा हैं । जन्म के कुछ साल ही बीता था की बीमारी से मां कारी खातुन की मौत हो गयी। बाप अर्फू शाह, जदयू पार्टी का समर्थक था और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार उसके लिए आदर्श। शारो खातुन के पिता अर्फू शाह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के रैली में भाग लेने गांधी मैदान पटना आएं थे। अर्फू शाह, पटना रैली में शामिल तो हुये लेकिन लौटकर घर नहीं आएं। जिंदा हैं की मर गये किसी को कुछ पता नहीं हैं।

गायब हो गया आवेदन ,एसपी को जानकारी नहीं
इस संबंध में बीते शुक्रवार को एसपी औरंगाबाद से कार्रवाई से संबंधित जानने पर बताएं की हमें ऐसी कोई जानकारी नहीं हैं। स्थानीय थाना से जानकारी लेते हैं तो कुछ बता पाएंगे। गोह थानाध्यक्ष ने घटना से संबंधित जानकारी होने की बात जरूर कबूल किया लेकिन संबंधित मामले में एफआईआर दर्ज की गयी या नहीं और कितने लोगों के विरूद्ध हुई। इसपर थानाध्यक्ष ने बताया की आईओ को जांच के लिए बोला गया हैं लेकिन एफआईआर दर्ज किया गया या नहीं जबाब नहीं दिये जांच की सिर्फ़ बातें कहीं।
मामला पुलिस मुख्यालय तक पहुंचा है और इस संबंध के एक पुलिस अधिकारी ने जिले के एसपी को बीते शनिवार को निर्देश दिया तब भी एफआईआर नहीं हुई। सोमवार को गोह थानाध्यक्ष, पीडि़त के घर पहुंचे और पीड़ि़त परिवार से पूछताछ के बाद पुनः यह कहं कर आवेदन लिया की आवेदन कहीं गायब हो गया हैं।

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