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झारखंड को पूंजीपतियों के नाम कर दी है भाजपा, छीनी जा रही आदिवासियों से जमीन: राहुल

रांची। झारखंड विधानसभा चुनाव के मद्देनजर कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सिमडेगा की रैली में बीजेपी पर आदिवासियों की जमीन छीनने का आरोप लगाया और कहा कि जो आज झारखंड में हो रहा है, वही पहले छत्तीसगढ़ में होता था लेकिन सत्ता में आने के बाद कांग्रेस ने वहां का चेहरा बदल दिया। गांधी ने कांग्रेस की बहुचर्चित न्याय योजना का भी जिक्र जनसभा में किया।

राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी लोकसभा चुनाव के दौरान न्याय योजना लेकर आई थी लेकिन हम चुनाव नहीं जीत पाए। उन्होंने कहा कि न्याय जैसी योजनाओं की वजह से युवाओं को रोजगार मिलता और देश में एक भी गरीब नहीं बचता। उन्होंने कहा, ‘हमारी ‘न्याय’ योजना गरीबों को पैसा देने का काम करती। यह न्याय योजना युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा करती। क्योंकि, इससे गरीबों की जेब में पैसा जाता और उनकी खरीदने की क्षमता बढ़ती। ज्यादा मांग से ज्यादा उत्पादन और उससे ज्यादा रोजगार पैदा होते।

छत्तीसगढ़ की पूर्व बीजेपी सरकार पर आरोप
राहुल गांधी ने कहा कि झारखंड और छत्तीसगढ़ में धन-संपदा की कोई कमी नहीं है लेकिन इसका फायदा आम लोगों-आदिवासियों को नहीं मिल रहा है। उन्होंने बीजेपी सरकार पर आरोप लगाते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ में बीजेपी सरकार के समय आदिवासियों से जमीन छीनकर उद्योगपतियों को दे दी जाती थी। हम आदिवासी बिल और वनाधिकार कानून लेकर आए और बीजेपी की व्यवस्था को खत्म किया। इतिहास में पहली बार टाटा से जमीन लेकर वापस आदिवासियों को दी गई।

‘किसानों को नहीं मिलता धान का दाम’
गांधी ने कहा कि जहां भी बीजेपी की सरकार है, वहां उद्योगपतियों को आसानी से जमीन मिल जाती है। लेकिन, किसानों-आदिवासियों को धान का दाम नहीं मिलता। हमने छत्तीसगढ़ में किसानों को धान का दाम भी दिया और हमारे राज्यों में कर्जा भी माफ किया। उन्होंने कहा कि बीजेपी सीएनटी-एसपीटी ऐक्ट को बदलना चाहती है। लेकिन, हम इसे नहीं बदलने देंगे। झारखंड का जल-जंगल-जमीन गरीबों, आदिवासियों और कमजोरों का अधिकार है।

नोटबंदी-जीएसटी पर सवाल
नोटबंदी और जीएसटी का मुद्दा उठाते हुए राहुल ने बीजेपी पर उद्योगपतियों की मदद करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आखिर नोटबंदी और जीएसटी से सबसे ज्यादा फायदा किसको हुआ? इसका फायदा मोदी जी के मित्रों को हुआ। मोदी जी के 10-15 उद्योगपति मित्र हैं, जो उनकी मार्केटिंग का खर्च उठाते हैं। उन्होंने कहा कि पीएम मोदी का एक ही लक्ष्य है, झारखंड के किसानों-गरीबों से पैसा छीनकर, आदिवासियों से जमीन छीनकर, आपसे बिजली-पानी छीनकर अपने 10-15 मित्रों को देना।

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