Wednesday, December 2, 2020 at 6:41 PM

आत्मनिर्भर बनाने के साथ राष्ट्रीय भावना पैदा करने वाली हो शिक्षा : राज्यपाल

 जौनपुर। वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के महंत अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में मंगलवार को आयोजित 23वें दीक्षान्त में 65 मेधावियों को स्वर्ण पदक मिला तथा स्नातक में 16 और परास्नातक के 49 मेधावियों को स्वर्ण पदक दिया गया। समारोह के मुुख्य अतिथि इस्कान मंदिर श्रील प्रभुपाद आश्रम जम्मू-कश्मीर के नव योगेन्द्र स्वामी जी महाराज रहे जिन्होंने कहा कि विवि के मंत्र वाक्य तेजस्विनावधीतमस्तु वेद से लिया गया है। इसके अर्थ में पूरे शिक्षा का सार छिपा है। इसमें कहा गया है कि हमारा ज्ञान तेजस्वी है। परमेश्वर शिष्य और आचार्य दोनों की साथ रक्षा करें। हम दोनों को साथ विद्या के फल का भोग करायें। हम दोनों एक साथ मिलकर विद्या प्राप्ति का सामर्थ्य प्राप्त करें। हम सभी परस्पर द्वेष न करें। इसी क्रम में समारोह की अध्यक्षता करते हुये कुलाधिपति एवं राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने कहा कि शिक्षा ऐसी हो जो हमें आत्मनिर्भर बनाने के साथ राष्ट्रीय भावना भी पैदा करे। देश-समाज के प्रति चुनौतियों का सामना युवाओं को ही करना होगा तभी हम नये भारत की नयी तस्वीर बनाने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा कि देश को टीबी जैसी गम्भीर बीमारी से मुक्त कराने की चिंता हर नागरिक की है। उन्होंने कहा कि जब घर में दहेज की मांग शुरू हो तभी लड़कियों को बगावत करनी चाहिये, ताकि उन्हें पूरी जिन्दगी इस समस्या से जूझना न पड़े। बेरोजगारी पर प्रहार करते हुये उन्होंने कहा कि कौशल विकास के जरिये हम देश का सामाजिक और आर्थिक विकास कर सकते हैं।
इस दौरान पूविवि के कुलपति प्रो. राजाराम यादव ने विवि की उपलब्धिया गिनायीं। साथ ही कहा कि उपाधि अर्जित करने वाले विद्यार्थियों ने अपने गुरूजनों, अभिभावकों एवं विश्वविद्यालय का सम्मान बढ़ाया है। अतिथियों का स्वागत करते हुये उन्होंने कहा कि कुलाधिपति के प्रेरणादायी, भौतिक व व्यवहारिक निर्देशन ने प्रदेश के विश्वविद्यालयीय उच्च शिक्षा में सकारात्मक परिवर्तन की संभावनाओं के साथ नयी सोच, नयी दिशा व नवचेतना को पुनः जागृत किया है। समारोह का संचालन पत्रकारिता विभाग के अध्यक्ष डा. मनोज मिश्र ने किया।
इस अवसर पर पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद, कुलसचिव सुजीत जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, परीक्षा नियंत्रक व्यास नारायन सिंह सहित तमाम गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

121 को मिली पीएचडी की उपाधि
दीक्षांत समारोह में 121 शोधार्थियों की पीएचडी की उपाधि मिली है। विवरण के अनुसार कला संकाय में 83, विज्ञान संकाय में 16, शिक्षा में 10, वाणिज्य में 1, कृषि में 6 एवं विधि संकाय मे 5 शोधार्थियों को पीएचडी उपाधि मिली।

पीजी छात्रावास का हुआ लोकार्पण
महन्त अवैद्यनाथ संगोष्ठी भवन में प्रदेश की राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल ने उच्चीकृत श्री निवास रामानुजन रिसर्च स्कॉलर छात्रावास का उद्घाटन किया। इस अवसर पर नव योगेन्द्र स्वामी जी महाराज, कुलपति प्रो. राजाराम यादव, कुलसचिव सुजीत जायसवाल, वित्त अधिकारी एमके सिंह, प्रो. बीबी तिवारी सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

गतिमान के 7वें अंक का राज्यपाल ने किया विमोचन
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय के 23वें दीक्षांत समारोह में पूविवि के गतिमान वार्षिक पत्रिका का विमोचन राज्यपाल आनन्दीबेन पटेल सहित मंचासीन समस्त अतिथियों ने किया। बता दें कि पत्रिका में विवि के वर्ष भर की गतिविधियां, स्वर्ण पदक धारकों की सूची, अतिथियों का परिचय समेत तमाम जानकारियां हैं। पत्रिका के सम्पादन मण्डल में डा. मनोज मिश्र, डा. दिग्विजय सिंह राठौर, डा. केएस तोमर, डा. सुनील कुमार एवं डा. पुनीत धवन शामिल हैं।

इन मेधावियों को मिला स्वर्ण पदक
बीटेक मैकेनिकल में अबू फजल, बीटेक इलेक्ट्रानिक्स एण्ड इन्स्ट्रूमेंटेशन में रवि पटेल, बीटेक इलेक्ट्रिकल में माण्डवी जायसवाल, बीटेक इलेक्ट्रानिक्स एण्ड कम्युनिकेशन में रूपम यादव, बीटेक इनफारमेशन टेक्नालॉजी में अंजली गुप्ता, बीटेक कम्प्यूटर साइंस में पूजा शर्मा, बी. फार्मा में चित्रा गंगवार, बीए में शिवांगी सिंह, बीएससी में सूर्य प्रकाश पाल, बी. काम में शिवांगी सिंह, बीएससी (कृषि) में समृद्धि सिंह, बीपीई में त्रिभुवन चौहान, बीएड में अनुराग दूबे, एलएलबी में हृतिका श्रीवास्तव, बीसीए में आदर्श पाल एवं बीबीए में नेहा वर्मा को गोल्ड मेडल मिला। वहीं प्रथम प्रयास में स्नातकोत्तर कक्षा में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 49 मेधावियों को स्वर्ण पदक मिला जिसमें अतुल माहेश्वरी, जनसंचार में आशुतोष त्रिपाठी, एमसीए में विजय गौड़, एमबीए ई-कामर्स में रोहित सिंह, एमबीए में पारूल पाण्डेय, एमबीए एग्री-बिजनेस में अंकित सिंह, एमबीए बिजनेस इकोनामिक्स में शिवानी पाण्डेय, एमबीए फाइनेंस एण्ड कण्ट्रोल में लक्ष्मी मौर्या, एमबीए एचआरडी में अदीबा अनवर, एमएससी बायोकेमेस्ट्री में रंजीत विश्वकर्मा, एमएससी माइक्रोबायोलॉजी में अजीजा नेयाज, एमएससी बायोटेक्नोलॉजी में जूही शर्मा, एमएससी पर्यावरण विज्ञान में अंकिता कुशवाहा, एमए व्यावहारिक मनोविज्ञान में प्रज्ञा सिंह, एमए मास कम्यूनिकेशन में आशुतोष त्रिपाठी, प्राचीन इतिहास में आशुतोष कुमार, सैन्य विज्ञान में सौरभ दूबे, अर्थशास्त्र में शिवानी सिंह, शिक्षा शास्त्र में श्रद्धा दूबे अंग्रेजी में अदनान खान, भूगोल में शिवांगी सिंह, हिन्दी में ज्योति मिश्रा, साजिदा बानो, गृह विज्ञान फूड न्यूट्रिशन में निधि सिंह, गृह विज्ञान ह्यूमन डेवलपमेन्ट में बीना त्रिगुनाइत, मध्यकालीन इतिहास में ऋचा पाण्डेय, संगीत गायन में प्रियंका सिंह, दर्शन शास्त्र में श्वेता सिंह, राजनीति शास्त्र में प्रियंका मोदनवाल, संस्कृत में हेमलता विश्वकर्मा, समाज शास्त्र में रामचन्द्र यादव, उर्दू में उज्मा खातून, मनोविज्ञान में लक्ष्मी, एमएड में प्रमोद कुमार, एम.काम में प्राची गर्ग, वनस्पति विज्ञान में प्रिया सिंह, रसायन विज्ञान में राहत फिरदौस, गणित में शिप्रा सिंह, भौतिक विज्ञान में पूजा मिश्र, जन्तु विज्ञान में संध्या सिंह,  एमएससी कृषि एग्रीकल्चरल इकोनामिक्स में निधि कुमारी, एमएससी एनिमल हस्बेन्ड्री एण्ड डेयरिंग में आकाश सिंह, जेनेटिक्स एण्ड प्लाण्ट ब्रीडिंग में नेहा सिंह, हार्टिकल्चर में अमन श्रीवास्तव, प्लाण्ट पैथोलॉजी में अजीत प्रताप यादव, एग्रोनॉमी में आदित्य कुमार, एग्रीकल्चल कमेस्ट्री एण्ड स्वायल साइंस में धनन्जय मौर्या, इण्टोमोलॉजी में अजीत पाण्डेय, एग्रीकल्चर एक्सटेंशन में पार्थ प्रतीक एवं एलएलएम में तान्या गुप्ता हैं।

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