बिहार

बैंक मैनेजर हत्याकांड में 6 दोषी करार ,साक्ष्य के अभाव 3 बरी

बैंक कर्मियों ने अपराधियों से मिलकर रची थी हत्या की साजिश , दोनों भेजे गये जेल

 के .सी.सी  लोन का बड़ा रैकेट कर रहा था काम ,मामले को उजागर करना चाहता था मैनेजर फणीन्द्र शेखर सिन्हा

>> सजा की बिंदु पर दानापुर कोर्ट 6 दिसंबर को सुनाएंगा फैसला
पटना ( अ सं ) । फर्जी कागजात पर केसीसी लोन पास करने का रैकेट काम कर रहा था, इसमें कई बैंक कर्मी और दलाल जुटे थे। मैनेजर फणीन्द्र शेखर सिन्हा जैसे ही पदस्थापित हुये पुरे प्रकरण  को उजागर करने की ठान लिया । मामला सीबीआई तक पहुंचती की इससे पहले रैकेट में शामिल बैंक कर्मियों एवं अपराधियों ने साजिश रचककर बैंक मैनेजर फणीन्द्र शेखर सिन्हा को दिन दहाड़े बिक्रम थाना क्षेत्र में गोली मारकर हत्या कर दिया । पुरे ब्लाइंड केस को पुलिस ने सुलझा लिया और इसका मुख्य साजिशकर्ता बैंक कैशियर सुजीत कुमार निकला ।  पुलिस ने बिक्रम थाना कांड संख्या -237/2012 में कुल 9 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल किया ।  सात वर्षों तक चली लंबी कानूनी लड़ाई के बाद दानापुर के एडीजे ,प्रथम संदीप कुमार ने 6 लोगों को धारा 302 ,120 (बी)  एवं 27 आर्म्स एक्ट में दोषी करार दिया हैं वहीं साक्ष्य के अभाव में 3 लोगों को बरी कर दिया गया हैं । दोषी करार किये जाने वाले में रवीन्द्र गोप, राकेश गोप, मुकेश गोप, विजय कुमार (बैंक कर्मी ) ,सुजीत कुमार ( बैंक कर्मी ) जीतन्द्र यादव शामिल हैं । वहीं रिहा होने वाले में राम लड्डू, धीरज पाठक ,राजू यादव हैं । वादी की ओर से कानूनी  पक्ष रखने वाले वरीय अधिवक्ता अमोद कुमार ने बताया की यह एक ब्लाइंड केस था। पुलिस ने अनुसंधान कर ठोस सबूत इकट्ठा किया था । कुल 15 लोगों की गवाही करायी गयी ।
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