उत्तर प्रदेशलखनऊ

बिना हेलमेट बाइक सवार का काटा दो फोटो ई-चालान

जिम्मेदारों ने बतायी तकनीकी समस्या

लखनऊ। राजधानी लखनऊ में जब से एसएसपी कलानिधि नैथानी ने यातायात पुलिस को हाईटेक किया है तब से ये ट्रैफिक पुलिस हाईटेक तो नहीं बल्कि लोगों के लिए मुसीबत बनती जा रही है। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों से ट्रैफिक पुलिस झगड़े के डर से चालान ना काटकर वाहन लेकर जा रहे लोगों का चुपके से फर्जी तरीके से ई-चालान कर रही है। हालात ये हैं कि दो पहिया वाहन स्वामियों के घर कहीं कार का चलाना पहुंच रहा है कहीं, सीट बेल्ट ना लगाने का चालान पहुंच रहा है। ट्रैफिक पुलिस का आलम ये है कि जिनका कभी चालान हुआ ही नहीं या फिर उनके घर चार पहिया ही नहीं है उनके घर भी फर्जी चालान पहुंच रहे हैं। ताजा मामला अशरफाबाद में रहने वाले एक युवक का है। जिसके घर पर एक ही दिन उसकी बाइक के काटे गए दो चालान पहुंचे तो घरवालों के होश उड़ गए। ये परेशानी किसी एक व्यक्ति की नहीं बल्कि शहर भर में ऐसे कई पीड़ित हैं जिनके साथ ये घटना हो रही है। लेकिन जिम्मेदार अधिकारी बयान देकर अपना पल्ला झाड़ ले रहे हैं।

जानकारी के अनुसार, मामला बाजारखाला थाना क्षेत्र का है। यहां 295/73 अशरफाबाद में रहने वाले सौरभ वर्मा पुत्र कैलाश वर्मा अपने परिवार के साथ रहते हैं। पीड़ित ने बताया कि उसके घर दो ई-चालान एक साथ पहुंचे तो वह सन्न रह गया। पीड़ित ने बताया कि उसके पास पैशन प्रो (यूपी 32 जीयू 4015) है। पीड़ित ने बताया कि वह निजी काम से हजरतगंज आया था। इस दौरान उसका हेलमेट चोरी हो गया। पीड़ित अपने घर जा रहा था तभी रास्ते में कहीं पर ट्रैफिक पुलिस ने उसका पीछे से फोटो खींचकर चालान काट दिया। पीड़ित ने बताया कि जब उसे चालान का सन्देश मिला तो उसने सोचा चलो कोई बात नहीं हेलमेट नहीं था तो चालान काट दिया गया, इसे वह जमा कर देगा। लेकिन वह सन्न तब रह गया जब उसने दोनों ई-चालान देखे तो उनमें फोटो एक ही थी और दोनों चालान हेलमेट ना लगाने के लिए काटे गए थे। पहला चालान संख्या (यूपी424614191022121636) 22 अक्टूबर 2019 को दोपहर 12:16 बजे काटा गया जबकि पहले चालान वाली फोटो पर ही दूसरा चालान संख्या (यूपी 424614191022023402) 22 अक्टूबर 2019 को ही दोपहर 2:33 बजे काटा गया। पीड़ित का मोटर वाहन अधिनियम 1998 नियम 201 आर/डब्ल्यू मोटर वाहन अधिनियम 1988/177 के तहत 1000 रुपये जुमार्ना का काटा गया है। इससे पीड़ित का परिवार हैरान है। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक यातायात पूर्णेंदु सिंह ने कहा कि हो सकता है कि ये चालान तकनीकी खराबी के चलते कट गया हो। उन्होंने विभागीय पुलिसकर्मियों का बचाव करते हुए कहा कि पहले वाला चालान सब्मिट हो गया होगा लेकिन पुलिसकर्मी ने समझा होगा अभी नहीं हुआ तो दोबारा सब्मिट कर दिया।  इसलिए दो चालान कट गए। उन्होंने कहा कि पीड़ित उनके कार्यालय में जाकर एक प्रार्थनापत्र देकर एक चालान निरस्त करवा सकता है। उन्होंने कहा कि पीड़ित की हर संभव सहायता की जाएगी।

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