नारी व बाल जगत

प्रेगनेंसी में इचिंग की समस्या से हैं परेशान तो यूं करें समस्या का समाधान

प्रेग्नेंसी एक सुखद अहसास है। हालांकि, इन दिनों महिलाएं कई तरह की शारीरिक बदलावों और अनुभवों से भी गुजरती हैं। कई तरह की परेशानियों का सामना भी उन्हें करना पड़ता है। इन्हीं में से एक है प्रेग्नेंसी के दौरान इचिंग की समस्या (Itching in pregnancy)। वेल वुमन क्लिनिक, गरुग्राम की कंसल्टेंट आब्स्टिट्रिशन एंड गायनकोलॉजिस्ट डॉ. नुपुर गुप्ता कहती हैं कि गर्भावस्था के दौरान कुछ महिलाओं को इचिंग की समस्या बिल्कुल नहीं होती, तो कुछ इससे हद से ज्यादा परेशान रहती हैं। हालांकि, प्रेग्नेंसी में यह काफी नॉर्मल है, लेकिन जब खुजली अधिक हो, तो इसे नजरअंदाज करना भी ठीक नहीं है। कई बार अधिक इचिंग आपके साथ-साथ पेट में पल रहे बच्चे के लिए भी खतरनाक साबित हो सकता है। ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि कब तक इचिंग नॉर्मल (problem of itching during pregnancy) है और कब इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

इचिंग कब होती है नुकसानदायक

डॉ. गुप्ता कहती हैं कि आमतौर पर गर्भ में पल रहे भ्रूण के बढ़ने से पेट की त्वचा पर खुजली होती (Itching in pregnancy) है। यह सामान्य है। पेट की त्वचा में खिंचाव होने से त्वचा रूखी हो जाती है। कई बार रक्त संचार के बढ़ने से भी यह समस्या हो सकती है। जब कोलेस्टेसिस ऑफ प्रेग्नेंसी (cholestasis of pregnancy) हो, तो समस्या गंभीर हो सकती है। यह एक लिवर से संबंधित समस्या है, जो कई महिलाओं में प्रेग्नेंसी के दौरान होती है। यह लिवर की एंजाइम में गड़बड़ी होने के कारण होता है। इसमें पेट के साथ-साथ हाथों एवं पैरों में तेज खुजली (Itchy skin during pregnancy) होने लगती है। ऐसी स्थिति में डॉक्टर से जरूर संपर्क करना चाहिए।

प्रूरिटिक अर्टिकैरियल पैप्यूल्स (Pruritic urticarial papules) होने पर भी खुजली की समस्या नुकसानदायक हो सकती है। इसमें खुजली बांह से लेकर पैर तक तो फैल जाती है, लेकिन कोई दूसरा लक्षण ना नजर आए, तो इसे प्रूरिटिक अर्टिकैरियल पैप्यूल्स कहते हैं। इसमें त्वचा पर लाल चकते भी हो जाते हैं। आमतौर पर यह आखिरी तीन महीनों में होते हैं, इसलिए इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। शोधकर्ताओं के अनुसार, त्वचा पर होने वाली अधिक खुजली को अक्सर महिलाएं हल्के में लेती हैं। ऐसा करने से बचना चाहिए।

प्रेग्नेंसी में इचिंग की समस्या से बचने के उपाए

खुजली हद से ज्यादा हो, तो डॉक्टर से जरूर संपर्क करें। खुलजी ज्यादा नहीं हो रही, तो कुछ प्राकृतिक तरीके अपना कर भी आप राहत पा सकती हैं।

नारियल तेल लगाएं

इसमें फैटी एसिड होता है, जो खुजली में आराम देता है। दिन में दो से तीन बार उन जगहों पर नारियल तेल अप्लाई करें, जहां खुजली हो रही है। नहाने के बाद अप्लाई करेंगी, तो लाभ
अधिक होगा।

रात में अप्लाई करें एलोवेरा जेल

प्रेग्नेंसी में होने वाली खुजली से आराम पाने के लिए एलोवेरा जेल से बेहतर कुछ नहीं। यह त्वचा को ठंढक पहुंचाने का काम करती है। इसे अप्लाई करने से आप स्ट्रेच मार्क से भी बची रहेंगी। खुजली जहां भी हो, वहां (how to treat itchiness during pregnancy) इस जेल को लगाएं और रात भर के लिए छोड़ दें।

ठंडे पानी से नहाएं

कुछ महिलाओं को प्रेग्नेंसी में थकान बहुत मसहूस होती है। ऐसे में वे गुनगुने पानी से स्नान करने लगती हैं। ऐसा बिल्कुल भी न करें। खासकर तब, जब आपको खुजली होती हो। ठंढे पानी
से स्नान करें। इससे त्वचा रूखी नहीं होगी। सर्दी के मौसम में आप गुनगुन पानी से ही नहाएं वरना सर्दी-जुकाम हो सकती है, जिससे बेवजह दवा खानी पड़ सकती है।

ढीले कपड़े पहनें

कुछ महिलाएं गर्भावस्था के दौरान भी टाइट कपड़े पहनती हैं। ऐसा न करें, खासकर गर्मी के दिनों में। कॉटन के ढीले कपड़े अधिक पहनें। इससे खुजली की समस्या से आप बची रहेंगी और
आराम भी महसूस होगा।

loading...

Related Articles

WP Twitter Auto Publish Powered By : XYZScripts.com