लखनऊ

ब्लड बैंक की अव्यवस्था भी नहीं रोक पायी रक्तदान का जोश

अटेवा के आवाहन पर देश भर में प्रत्येक जिला मुख्यालय पर हुआ रक्तदान

अर्धसैनिक बलों को समर्पित रक्तदान कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग

लखनऊ। शहीद डॉ राम आशीष सिंह की तीसरी पुण्यतिथि एवं सशस्त्र सेना झंडा दिवस के दिन पूरे देश मे जिला मुख्यालयों पर सरकारी शिक्षक,कर्मचारी और अधिकारी के साथ ही जनसामान्य ने रक्तदान कर सरकारी कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति पर दी जाने वाली पुरानी पेंशन बहाली की माँग की। उत्तर प्रदेश में एनएमओपीएस के अंग अटेवा-पेंशन बचाओ मंच एवं अन्य सहयोगी संगठनों द्वारा भी पुरानी पेंशन बहाली के लिए अर्धसैनिक बलों को समर्पित रक्तदान प्रदेश के प्रत्येक जिला मुख्यालय पर किया। प्रदेश भरमे हजारों लोगों ने रक्तदान किया और अभी भी जारी है। कई जिलों में तो यह स्थिति बनी की ब्लड बैंक व्यवस्था नहीं दे सके।

एक व्यक्ति के रक्तदान से चार लोगों की जान बचायी जा सकती-डॉ चंद्रा

राजधानी में रक्तदान शिविर का उद्घाटन भारत समाचार से ब्यूरो चीफ वीरेंद्र सिंह ने और केजीएमयू के ब्लड बैंक की विभागाध्यक्ष डॉ तूलिका चंद्रा ने किया। वीरेंद्र ने कहा यह अद्भुत कार्य है और विरोध का यह बहुत अनोखा तरीका है साथ ही उन्होंने अटेवा के कार्यों की सराहना की। डॉ तूलिका चंद्रा ने कहा कि एक व्यक्ति के रक्तदान से चार लोगों की जान बचती है। अटेवा के आवाहन पर लखनऊ में अध्यक्ष विजय बन्धु ने रक्त देकर रक्तदान शिविर की शुरुवात की। लखनऊ में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों, कर्मचारियों, अधिकारियों एवं सामाजिक सरोकार रखने वाले व्यक्तियों ने किंग जॉर्ज मेडिकल विश्वविद्यालय के शताब्दी हॉस्पिटल स्थित ब्लड बैंक में शहीद डॉ राम आशीष सिंह की तीसरी पुण्यतिथि पर उनको याद करते हुए,सशस्त्र सेना झंडा दिवस के अवसर पर अर्धसैनिक बलों को समर्पित रक्तदान कर पुरानी पेंशन बहाली की मांग की। सभी ने एक स्वर में कहा- जवानी में खून देंगे,बुढ़ापे में पेंशन लेंगे

अर्धसैनिक बलों को बुढापे में पेंशन की व्यवस्था नहीं क्यो – बन्धु

एनएमओपीएस के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं अटेवा के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार बन्धु ने कहा कि- डॉ राम आशीष को तृतीय पुण्यतिथि पर याद करते हुए कहा कि आपकी शहादत बेकार नहीं जाने देंगे, अटेवा पुरानी पेंशन बहाल करवाकर ही मानेगा। यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश के लिए अपनी जान कुर्बान करने वाले अर्धसैनिक बलों को बुढापे में पेंशन की व्यवस्था नहीं है और देश के करोड़पति नेताओं को पेंशन दी जा रही है। सशस्त्र सेना झंडा दिवस पर अर्धसैनिक बलों के लिए पूरे देश के शिक्षकों कर्मचारियों अधिकारियों ने स्वेक्षा से जो रक्तदान कर पेंशन आंदोलन को बड़ा सम्बल दिया है और इस बात का अहसास कराया है कि यदि पेंशन के लोए हम खून दे सकते हैं तो इस मुहिम को हम यूं ही नहीं छोड़ने वाले हैं।बन्धु ने प्रधानमंत्री से मांग की है कि देश के 60 लाख कर्मचारियों की पुरानी पेंशन व्यवस्था को बहाल करें।

यह रक्तदान कर्मचारियों के संघर्ष का इतिहास में अनूठा कार्यक्रम-डॉ त्रिपाठी

अटेवा के प्रदेश महामंत्री डॉ नीरजपति त्रिपाठी ने कहा-अटेवा पुरानी पेंशन बहाली को कृत संकल्पित है। प्रदेश के 13 लाख शिक्षक-कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली के लिए लगातार संघर्ष कर रहा है इसी दिशा में जन सामान्य को जोड़ने के लिए और जनजागरण के लिए रक्तदान का कार्यक्रम किया गया है। रक्तदान प्रदेश के शिक्षक कर्मचारियों के संघर्ष के इतिहास में अनूठा कार्यक्रम है,और प्रदेश में बड़ी संख्या में रक्तदान कर अपनी एकजुटता का परिचय दिया है। यह संकेत है कि जल्द ही पुरानी पेंशन व्यस्था बहाल होगी। केजीएमयू कर्मचारी संघ के शैलेन्द्र सिंह रावत ने कहा- मेडिकल विश्वविद्यालय का कर्मचारी पुरानी पेंशन बहाली तक अटेवा के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा है, यह हमारा सौभाग्य है कि आज अटेवा के रक्तदान कार्यक्रम में सहयोग करने का मौका मिला।

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