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सरकार के खिलाफ बोले जज, हटा ली गई सुरक्षा, लेकिन डर का माहौल नही

चेन्नई। केरल पुलिस ने उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त न्यायाधीश बी. केमल पाशा की सुरक्षा शनिवार को ‘अचानक वापस’ ले ली। सूत्रों ने यह जानकारी दी। सेवानिवृत्त न्यायाधीश विभिन्न मामलों से निपटने में माकपा के नेतृत्व वाली एलडीएफ सरकार की ‘नाकामी’ को लेकर मुखर रहे हैं। न्यायाधीश केमल पाशा ने कहा कि उनकी निजी सुरक्षा में तैनात चार सशस्त्र पुलिसर्किमयों को सरकार ने हटा दिया है।

पाशा ने से कहा, ‘‘शुक्रवार को गृह सचिव स्तर पर यह फैसला लिया गया। पुलिसकर्मी आज (शनिवार) अपना कार्य पूरा कर चले गए।’’ सेवानिवृत्त न्यायाधीश ने कहा कि ऐसे समय में ‘‘अचानक’’ सुरक्षा हटा ली गई है जब वह केरल में इस्लामिक स्टेट के आतंकवादियों की धमकी का सामना कर रहे हैं। हाल ही में अट्टापाडी में पुलिस द्वारा मुठभेड़ में चार माओवादियों की कथित हत्या समेत विभिन्न मुद्दों पर सरकार की नीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए सुरक्षा वापस लिए जाने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि वह सरकार की ‘गलत नीतियों’ का विरोध करते रहेंगे। बहरहाल, पुलिस की अभी कोई टिप्पणी नहीं मिल पाई है।

इस से पहले पाशा ने केरला के कानून मंत्री ए. बालन द्वारा ड्रग्स को लेकर दिए गए बयान की निंदा करते हुए इसे मूर्खतापूर्ण बताया था। दरअसल मंत्री ने बयान दिया था कि पुलिस को फिल्म की शूटिंग वाली जगहों पर ड्रग्स की खोजबीन के लिए शिकायत की जरूरत है। सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति ने मंत्री के बयान को खारिज कर दिया और कहा कि वह एक उच्च व सार्वजनिक पद पर आसीन व्यक्ति से इस तरह की बात सुनकर हैरान हैं।

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