Wednesday, November 25, 2020 at 7:33 AM

खाने की चीजों, कपड़ों, फोन और हवाई यात्रा ये सभी हो सकते हैं महंगी, जानें क्या है पूरी खबर

नई दिल्ली। जीएसटी की दर और स्लैब में बड़ा बदलाव हो सकता है। जीएसटी की अब तक की राजस्व वसूली संतोषजनक नहीं रही है। इसकी वजह से केन्द्र तथा राज्यों की राजस्व वसूली काफी दबाव में आ गई है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता की अध्यक्षता वाली जीएसटी परिषद की अगले सप्ताह 18 दिसंबर को बैठक होने वाली है। केन्द्र और राज्यों के अधिकारियों के एक समूह ने मंगलवार को बैठक कर जीएसटी दरों को तर्कसंगत बनाने की अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप दिया। इसमें कई विकल्पों पर विचार किया गया जिनमें से एक यह है कि पांच प्रतिशत की दर को बढ़ाकर 8 प्रतिशत और 12 प्रतिशत की दर को बढ़ाकर 15 प्रतिशत कर दिया जाए। जानकार सूत्रों ने बताया कि परिषद की बैठक में जीएसटी दरों को आपस में विलय कर उनकी संख्या मौजूदा चार स्लैब से घटाकर तीन भी की जा सकती है। परिषद विभिन्न छूटों पर भी फिर से गौर कर सकती है और यह भी देखेगी कि क्या कुछ सेवाओं पर उपकर लगाया जा सकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार अप्रैल से नवंबर की अवधि में केन्द्रीय जीएसटी प्राप्ति 2019- 20 के बजट अनुमान से 40 प्रतिशत कम रही है। इस अवधि में वास्तविक सीजीएसटी संग्रह 3,28,365 करोड़ रुपये रहा है जबकि बजट अनुमान 5,26,000 करोड़ रुपये रखा गया है। पिछले वित्त वर्ष 2018- 19 में वास्तविक केन्द्रीय जीएसटी प्राप्ति 4,57,534 करोड़ रुपये रहा जबकि वर्ष के लिये अस्थाई अनुमान 6,03,900 करोड़ रुपये का लगाया गया था। इससे पहले 2017- 18 में सीजीएसटी संग्रह 2,03,261 करोड़ रुपये रहा था।

सफर से फोन तक हो सकते हैं महंगे 
सूत्रों के मुताबिक, ब्रांडेड अनाज, मोबाइल फोन, पिज्जा, हवाई यात्रा, एसी में रेल यात्रा, क्रूजर, महंगे अस्पताल के कमरे, पेंटिंग, ब्रांडेड कपड़े और सिल्क जैसे कपड़े पर जीएसटी बढ़ाया जा सकता है। ऐसे में इन चीजों की खरीदारी के लिए आने वाले दिनों में अधिक रकम खर्च करने पड़ सकते हैं।

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