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यूपी में हालात रहे बेकाबू, हिंसा में मरने वालों की संख्या हुई 15

नई दिल्ली। नागरिकता संशोधन कानून के विरोध की आग शुक्रवार को फिर यूपी के कई और जिलों में भड़क उठी। जुमे (शुक्रवार) की नमाज के बाद उपद्रवी सड़कों पर आ गए और उन्होंने कई जिलों में जिलों में उग्र विरोध प्रदर्शन किया। फिरोजाबाद, संभल, कानपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, कानपुर, गोरखपुर आदि कई जिलों में उपद्रवियों ने कई वाहनों में आग लगा दी और पुलिसकर्मियों पर पथराव किया। पुलिस महानिदेशक ओपी सिंह ने 11 लोगों की मौत की पुष्टि की है। बिजनौर में दो व फीरोजाबाद मुजफ्फरनगर, संभल, कानपुर में एक-एक व्यक्ति की मौत हुई है।

पुलिस महानिदेशक ने स्पष्ट किया है कि एक की भी मौत पुलिस फायरिंग में नहीं हुई है। उपद्रवग्रस्त जिलों में इंटरनेट सेवा रोक दी गई है। पथराव और गोलीबारी में पूरे प्रदेश में करीब 100 पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं। सीतापुर, हरदोई, लखीमपुर सुलतानपुर, गोंडा और बलरामपुर में भी उपद्रव की कोशिश हुई लेकिन, पुलिस ने टकराव टाल दिया। बलरामपुर, सीतापुर में भी पत्थरबाजी हुईं। फर्रुखाबाद में जुलूस रोकने पर आक्रोशित भीड़ ने पुलिस पर पथराव किया। गोरखपुर में भी भीड़ ने पुलिस को निशाना बनाया। रामपुर में सांसद आजम खां के बेटे अब्दुल्ला आजम समेत 500 लोगों को शांतिभंग की आशंका में निरुद्ध किया गया। प्रयागराज में डेढ़ सौ लोग हिरासत में लिए गए।

दिल्ली में भी नागरिकता संशोधन कानून को लेकर पुरानी दिल्ली में जुमे (शुक्रवार) की नमाज के बाद से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन शाम होते-होते उग्र हो गया। प्रदर्शनकारी लौट रहे थे, लेकिन इसी बीच उनमें शामिल उपद्रवियों ने शाम करीब छह बजे पुलिस पर पथराव कर दिया। उन्होंने दरियागंज थाने के सामने खड़ी एक कार में आग लगा दी और कुछ मोटरसाइकिलों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस बीच जामिया मिल्लिया इस्लामिया और शाहीन बाग क्षेत्र में भी शुक्रवार को आठवें दिन शांतिपूर्ण तरीके से विरोध प्रदर्शन जारी रहा। दिल्ली में एतिहातन शुक्रवार को भी छह मेट्रो कॉरिडोर के 19 मेट्रो स्टेशन बंद करने पड़े। हालांकि शाम तक सात बजे तक जामा मस्जिद, जाफराबाद व मौजपूर-बाबरपुर स्टेशनों को छोड़कर अन्य सभी मेट्रो स्टेशनों को खोल दिया गया।

सुलग उठे जिले
उप्र में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त के दावों के बीच जुमे की नमाज के बाद नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में सड़क पर उतरे प्रदर्शनकारी बेकाबू हो गए। कानपुर नगर, फीरोजाबाद, मेरठ, बुलंदशहर, गोरखपुर, बिजनौर, हापुड़, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर समेत 10 जिले सुलग उठे। उपद्रवियों ने पुलिस पर पथराव किया और 50 से अधिक वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने लाठीचार्ज किया, लेकिन कई मौकों पर बेकाबू भीड़ के आगे उसे कदम पीछे भी हटाने पड़े।

लखनऊ में कई स्थानों पर पुलिस के साथ पीएसी व अ‌र्द्धसैनिक बल के जवान मुस्तैद थे। पुलिस की सख्ती का असर लखनऊ में तो रहा, लेकिन कई अन्य जिले उबल पड़े। कानून के विरोध में शुक्रवार को मध्य प्रदेश में भी उग्र प्रदर्शन हुए। राज्य सरकार ने विरोध से निपटने के लिए बैतूल-होशंगाबाद को छोड़ पूरे प्रदेश में धारा 144 लागू कर दी है। जोधपुर में भी उपद्रवियों ने जमकर कर वबाल किया। कई जगह दुकानें लूट ली गईं। दिल्ली, महाराष्ट्र, कर्नाटक, केरल में भी छिटपुट ¨हसा हुई। ¨हसा को रोकने और अफवाहों पर लगाम लगाने के लिए कर्नाटक और दिल्ली में कई इलाको में भी एमएमएस और इंटरनेट सेवा आंशिक रूप से बंद रही।

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