बिहार

एनपीआर पर बिहार मे रार शुरु, जदयू भाजपा की राय अलग!

पटना। एनपीआर (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर) को लागू करने के मुद्दे पर बिहार एनडीए में अलग- अलग सुर दिखने लगे हैं। उपमुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि बिहार में 15 से 28 मई के बीच एनपीआर का काम शुरू होगा। वहीं, उद्योग मंत्री और जदयू के वरिष्ठ नेता श्याम रजक ने कहा है कि 15 मई से एनपीआर का काम शुरू होने की सुशील मोदी की घोषणा उनका निजी बयान है। इस पर फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार या राज्य मंत्रिमंडल ले सकता है।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने कहा है कि देश का कोई भी राज्य सीएए (नागरिकता संशोधन कानून) और एनपीआर लागू करने से इनकार नहीं कर सकता है। बंगाल, केरल हो या देश का कोई भी राज्य, हिम्मत है तो वह घोषणा करे कि वह इसे लागू नहीं करेगा। यह असंवैधानिक होगा। जहां तक बिहार का सवाल है, 15 से 28 मई के बीच एनपीआर का काम शुरू होगा। पहले चरण में मकानों का सूचीकरण व गणना होगा।

शनिवार को प्रदेश भाजपा कार्यालय में संवाददाता सम्मेलन में उपमुख्यमंत्री ने कहा कि कांग्रेस के समय से एनपीआर लागू है। अभी इसे अपडेट किया जा रहा है। आधार नंबर सहित अन्य जानकारी के लिए कुछ कॉलम बढ़ाए गए हैं। इसमें केवल जानकारी मांगी जाएगी, दस्तावेज नहीं। यह जनगणना का ही एक हिस्सा है। इससे इनकार करने वाले अधिकारी-कर्मचारी को जेल तक का प्रावधान है।

उपमुख्यमंत्री ने जातीय जनगणना के सवाल पर कहा कि बिहार विधानमंडल से सर्वसम्मत प्रस्ताव केंद्र को भेजा जा चुका है। सीएए का विरोध करने वालों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि 1947 में पाकिस्तान में 23 फीसदी, बंगलादेश में 22 फीसदी तो अफगानिस्तान में दो लाख हिंदू थे। 2011 में इनकी संख्या क्रमश: 3.7 फीसदी, 7.8 फीसदी और 500 ही रह गए। पाकिस्तान के ननकाना साहिब में जगजीत कौर का अपहरण कर धर्मान्तरण किया गया। पाकिस्तान के मुसलमान गुरुद्वारा तोड़कर मस्जिद बनाने की बात कर रहे हैं। इन्हीं प्रताड़ित हिन्दुओं को नागरिकता देने के लिए सीएए लाया गया है। इससे किसी की नागरिकता नहीं छीनेगी। उन्होंने कहा कि पीएम साफ कर चुके हैं कि फिलहाल एनआरसी पर कोई काम नहीं हो रहा है। बिहार में इसे नाहक तूल दिया जा रहा है। मौके पर नीतीश मिश्रा, प्रेमरंजन पटेल, देवेश कुमार, प्रमोद चंद्रवंशी, अजीत चौधरी, निखिल आनंद सहित अन्य नेता मौजूद थे।

उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी द्वारा बिहार में 15 मई से राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (एनपीआर) का काम शुरू होने की घोषणा करने पर जदयू के राष्ट्रीय महासचिव व सरकार के उद्योग मंत्री श्याम रजक ने बड़ी प्रतिक्रिया दी है। कहा कि कोई भी फैसला मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ले सकते हैं अथवा राज्य मंत्रिमंडल ले सकता है। कहा कि नीतीश कुमार सरकार के प्रधान हैं और उन्होंने ऐसा कोई बयान नहीं दिया है। शेष कौन क्या बोलता है इसका क्या मतलब है? कहा कि वे सुशील मोदी का सम्मान करते हैं, लेकिन 15 मई से एनपीआर का काम शुरू होने की घोषणा उनका निजी बयान हो सकता है। इसको लेकर न ही एनडीए विधायक दल, न ही राज्य मंत्रिमंडल में कोई निर्णय हुआ है। कहा कि बिहार सरकार को विश्वास में लिए बगैर कैसे शुरू हो सकता है राज्य में एनपीआर।

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