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चाणक्य नीति: अगर अपनाते हैं ये बाते तो आपको सफल होने से कोई नहीं रोक सकता

आचार्य चाणक्य कि नीतिया आज भी हमारे लिए बहुत उपयोगी हैं जो भी व्यक्ति इन नीतियों का पालन करता है उसे जीवन में सभी सुख सुविधाएँ और कार्य में सफलता प्राप्त होती है आचार्य चाणक्य कहतें हैं हमें कार्य में सफलता पाने के लिए किन 6 बातो को हमें सोचते रहना चाहिए अगर हम इन बातो को ध्यान में रखकर काम करेंगे तो असफलता हमें छु भी नहीं सकती आचार्य चाणक्य ने इस सम्बन्ध में सबसे पहली बात ये कही है कि |

आचार्य चाणक्य कहतें हैं वही व्यक्ति सफल होता है जिसे इस प्रशन का उत्तर हमेशा मालूम रहता है समझदार व्यक्ति जानता है कि वर्तमान समय कैसा चल रहा है अभी सुख के दिन है या दुःख के इसी के आधार पर वह अपना कार्य करता है यदि सुख के दिन है तो अच्छे कार्य करते रहना चाहिए और यदि दुःख के दिन हैं तो अच्छे कार्यो के साथ धेर्य बनाए रखना चाहिए दुःख के दिनों में धेर्य खोने पर अनर्थ हो सकता है |

आचार्य चाणक्य ये कहते हैं कि हमें मालूम होना चाहिए हमारे सच्चे मित्र कौन-कौन से हैं और मित्रो के वेश में शत्रु कौन-कौन हैं चत्रुओ को तो हम जानते हैं और उनसे बचते हुए अपना कार्य करते हैं लेकिन मित्रो के वेश में शत्रुओ को पहचानना बहुत ज़रूरी हैं यदि मित्रो के वेश में शत्रु को नहीं पहचान पाएं तो कार्यो में असफलता ही मिलेगी साथ ही इस बात का भी ध्यान रखे कि सच्चे मित्र कौन हैं क्यूंकि सच्चे मित्रो कि मदद लेने पर ही सफलता मिल सकती है यदि शत्रु से गलती से मदद मांग ली तो पूरी मेहनत पर पानी फिर सकता है |

आचार्य चाणक्य कहते हैं कि यह देश कैसा हैं यानि जहाँ हम काम करते हैं वहां का स्थान, वातावरण, शहर, वहां के लोग यदि आप इन बातो का ध्यान रखते हुए कार्य करते हैं असफल होने कि सम्भावनाये बहुत कम हो जाती है |

समझदार इन्सान वही है जो अपनी आय और व्यय कि सही जानकारी रखता है व्यक्ति को अपनी आय देखकर ही खर्च करना चाहिए नहीं तो वह परेशानियों में घिरा रहता हैं अत धन सम्बन्धी सुख पाने के लिए कभी आय से अधिक खर्च नहीं करना चाहिए यदि आय से कम खर्च करेंगे तो थोडा ही पर धन संचे होगा |

आचार्य चाणक्य कहतें हैं हमें इस बात का ध्यान अवश्य रखना चाहिए कि हमारा प्रबंधक, कम्पनी, संसथान या हमारा बोस हमसे क्या चाहता है ठीक वैसे ही काम करे जिससे हमारी कम्पनी को लाभ मिलता है यदि कम्पनी को लाभ होगा तो कर्मचारी को भी लाभ मिलने कि सम्भावनाये बढ़ जाती है |

अंतिम बात हमें ये मालूम होनी चाहिए कि हम क्या-क्या कर सकते हैं वही काम हाथ में लेना चाहिए जिसे पूरा करने का समर्थ हमारे पास है यदि शक्ति से अधिक काम हम अपने हाथ में ले लेंगे तो असफल होना तय है ऐसी स्थिति कार्यस्थल और समाज में हमारी छवि पर बुरा असर होगा |

तो ये थी आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई महत्वपूर्ण नीतियाँ जो आपकी सफलता को आपके कदमो में रख सकती हैं जो व्यक्ति आचार्य चाणक्य द्वारा बताई गई इन नीतियों का पालन करता है वह जीवन में कभी असफल नहीं हो सकता और उसकी समाज और देश में अलग ही पहचान बनती है उसके सोचे गये सारे काम पुरे होते हैं |

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