कानपुर

एडीजी का “गोरखपुर मॉडल” करेगा कानपुर में क्राइम कंट्रोल 

कानपुर जोन का लिया चार्ज, पुलिस अफसरों के साथ की बैठक

कानपुर। एडीजी जय नारायण सिंह का गोरखपुर मॉडल” कानपुर में क्राइम कंट्रोल में प्रभावी भूमिका निभाएगा। सर्किट हाउस में चार्ज लेने के साथ ही एडीजी ने साफ कर दिया है कि न केवल थाना की कार्यप्रणाली पर उनकी पैनी नजर रखेगी बल्कि सांप्रदायिक सद्भाव को नुकसान पहुंचाने वाले तत्वों को चिंहित कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पुरानी घटनाओं के अनावरण के साथ साइबर क्राइम जैसी चुनौतियों से प्रभावी ढंग से निपटा जाएगा।
शुक्रवार को सर्किट हाउस में चार्ज लेने के साथ ही कानपुर जोन के नए एडीजी जय नारायण सिंह ने यहां पर आईजी,डीआईजी समेत अन्य पुलिस अफसरों के साथ बैठक की। इस बैठक में कानपुर में होने वाले अपराधों की जानकारी के साथ ही पुरानी हर घटना के अनावरण के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में आने वाली परेशानियों के साथ ही महिला उत्पीड़न से जुड़ी घटनाओं के बारे में जाना गया। एडीजी ने कहा कि कानपुर की भौगोलिक स्थिति से वह बखूबी वाकिफ हैं। एसपी औरेया के साथ 1998 में वह कानपुर में एसपी साउथ रह चुके हैं। ऐसे में उन्हें यहां की भौगोलिक स्थिति पता है।
एडीजी जय नारायण सिंह ने कानपुर का क्राइम कंट्रोल करने के लिए “गोरखपुर मॉडल” अपनाने की बात कही। उन्होंने कहा कि गोरखपुर में तैनाती के दौरान टीम के रूप में इस तरह से काम किया गया कि वहां पर लूट,बलात्कार आदि की घटनाओं में 50 से 70 फीसदी की कमी आयी। उसी मॉडल को कानपुर में अपनाकर यहां का क्राइम कंट्रोल किया जाएगा।
थाना की कार्यप्रणाली पर रखेंगे पैनी नजर
एडीजी ने कहा कि थाना की कार्यप्रणाली पर उनकी पैनी नजर रहती है। यहां भी उनकी निगाह इस पर होगी। उन्होंने कहा कि बैठक में भी अफसरों को निर्देश दिए गए है कि पीड़ित की बातों को गंभीरता से सुना जाए। महिला उत्पीड़न,चेन स्नेचिंग,लूट आदि की घटनाओं पर संवेदनशील रवैया अपनाते हुए वर्कआउट किया जाए। उन्होंने कहा कि यहां पर एक टीम के रूप में काम किया जाएगा। इसके अलावा सांप्रदायिक सद्भाव भी पूरी तरह से कायम किया जाएगा,सद्भाव को बिगाड़ने वाले तत्वों पर पैनी नजर रखकर उन पर कार्रवाई होगी।
संवेदनशील और भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर बरते सतर्कता 
एडीजी ने कहा कि जोन के अफसरों को पूरी छूट दी जाएगी। उन्होंने कहा कि 26 जनवरी आदि को देखते हुए संवेदनशील और भीड़ भाड़ वाले क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर सतर्कता बरती जाएगी। साइबर क्राइम जैसे विषयों को लेकर कहा कि इसे चुनौती के रूप में लेते हुए काम किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वह खुद बीएचयू से इलेक्ट्रिकल इंजीनियर रह चुके हैं। वही,साइबर क्राइम रोकने के लिए आईजी की तरफ से की गई पहल को भी बढ़ाने की बात कही।
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