कानपुर

कानपुर रेप मामला: गवाह मां की मौत के बाद अब मौसी भी कोमा में

कानपुर। कानपुर के जाजमऊ में नाबालिग से रेप के प्रयास का मुकदमा वापस नहीं लेने पर दबंगों की पिटाई से केस में मुख्य गवाह व पीड़िता के मां की मौत होने के बाद अब मौसी भी कोमा में पहुंच गई हैं। उनका एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौसी आईसीयू में जिंदगी और मौत के बीच झूल रही हैं। मां की मौत के बाद मौसी की हालत नाजुक होने पर पीड़ित परिवार और क्षेत्रीय लोगों में आक्रोश है। पुलिस अब तक मामले में फरार सात आरोपितों को नहीं दबोच सकी है।

जाजमऊ निवासी साइकिल दुकानदार की नाबालिग बेटी से 2018 में क्षेत्र के दबंगों महफूज, आबिद, जावेद, परवेज उर्फ मिंटू और महबूब ने सामूहिक दुष्कर्म का प्रयास किया था। पीड़िता की मां ने आरोपितों के खिलाफ चकेरी थाने में सामूहिक रेप का प्रयास और पाक्सो एक्ट समेत अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। जमानत पर छूटने के बाद आरोपितों ने मुकदमा वापस नहीं लेने पर 9 जनवरी को पीड़िता के घर पर जानलेवा हमला किया था। पीड़िता की मां और मौसी को घर से खींचकर चापड़ से जानलेवा हमला किया था। हमले में घायल पीड़िता के मां की मौत हो गई और अब निजी अस्पताल के आईसीयू में भर्ती मौसी भी कोमा में पहुंच गई। उधर, चकेरी पुलिस ने घर के साथ ही अस्पताल में भी सुरक्षा बढ़ा दी है। इसके साथ ही आरोपितों को पकड़ने के लिए ताबड़तोड़ दबिश दे रही है।

मामले में सात आरोपितों को गिरफ्तार करके जेल भेजा जा चुका है। फरार अन्य आरोपितों की तलाश में चकेरी इंस्पेक्टर के साथ ही अन्य टीमों को लगाया गया है। एक-एक आरोपित को जेल भेजने की कार्रवाई की जाएगी। -राजकुमार अग्रवाल, एसपी पूर्वी

बहन के घर की भी इज्जत नहीं बचा सकी पुलिस
पीड़िता की मौसी भाजपा कार्यकत्री होने के साथ ही क्षेत्र में काफी सक्रिय थी। इसके चलते चकेरी थाने और जाजमऊ चौकी के पुलिस कर्मियों को वह हर रक्षाबंधन में राखी बांधने जाती थी। चौकी और थाने में तैनात पुलिस वाले उन्हें दीदी कहकर भी पुकारते थे। क्षेत्रीय लोगों की मदद के लिए भी अक्सर वह चौकी थाने आती-जाती थीं, लेकिन उन्हें क्या मालूम था कि पुलिस उनके मामले में ही मदद से हाथ पीछे खीच लेगी। अगर पुलिस पहले सुन लेती तो शायद आरोपितों के हौसले इस कदर हावी नहीं होते और जानलेवा हमला नहीं कर पाते।

सात की तलाश में छापेमारी
रेप के प्रयास का मुकदमा वापस नहीं लेने में पीड़िता के मां की हत्या में 12 आरोपितों के खिलाफ पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की थी। इसमें से पुलिस आरोपित महबूब, महफूज, बशीर, मोहम्मद परवेज आलम उर्फ मिंटू और आबिद समेत सात आरोपितों को जेल भेज चुकी है। जबकि जमील, विक्की, चांदबाबू और बाबू भाई टेनरी वाला समेत अन्य आरोपित फरार हैं।

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