उत्तर प्रदेशहरदोई

विकास खण्ड कछौना के गांव का किसान बटन मशरूम की खेती की बेहतर उपज कर बन गया नजीर

विकास खण्ड कछौना के गांव का किसान बटन मशरूम की खेती की बेहतर उपज कर बन गया नजीर

कछौना,हरदोई।विकासखंड कछौना के दिबियापुर के युवा किसान ने सीमित संसाधनों में पराली पुआला से बटन मशरूम की खेती का एक बेहतर उपज कर स्थानीय कछौना की बाजार में बिक्री कर क्षेत्र के किसानों के लिए नजीर बन गया है।बताते चलें कि युवा किसान गोपाल सिंह ने किसानों को बेहतर तरीके से करने के लिए हरियाणा के प्राइवेट संस्था से मशरूम खेती का प्रशिक्षण प्राप्त किया। जिसको उन्होंने अपने ग्राम दिबियापुर में एक सीमित पूंजी व बिना कोई सरकारी सहयोग के मशरूम खेती की शुरुआत की। उसकी एक छोटी सी शुरुआत से स्थानीय सब्जी विक्रेताओं को ताजा मशरूम मिलने लगा है। जो कि पहले दिल्ली और गाजियाबाद की सब्जी मंडियों से आता था। जिससे युवा किसान गोपाल सिंह व सब्जी विक्रेताओं की आय में इजाफा हुआ है। उन्होंने अपने ग्राम में 2400 स्क्वायर फीट में बांस, बल्ली, फूस, पराली से दो सेट बनाएं। वह बटन मशरूम का केसिंग मशरूम कंपोस्ट आदि का प्रयोग कर क्षेत्रवासियों को ताजा तरीन मशरूम उपलब्ध करा रहे हैं। यह स्थानीय बाजारों में 100 रुपए से लेकर 120 रुपये प्रति किलो बिक्री करते हैं। इस पूरे व्यवसाय को खड़े करने में अनुमानित लागत 3 लाख आई है। गोपाल सिंह की इस खेती में उनके बड़े भाई,मां,पत्नी का काफी सहयोग है। यह पराली का इस व्यवसाय में सही प्रयोग कर रहे हैं। पराली किसानों के लिए एक सिर दर्द बन गई थी। यह बेहतर मुनाफे की खेती है। युवा किसान ने बताया सरकार की तरफ से सहयोग मिलने पर और बेहतर तरीके से कर सकते हैं। परंतु सरकार की तरफ से किसी तरीके से कोई सहयोग नहीं मिला है। आर्थिक स्थिति मजबूत न होने के कारण मात्र ठंड के दिनों में ही खेती कर पाते हैं। सरकार की तरफ से अगर कोई योजना का लाभ मिल जाए तो हम इसे पूरे वर्ष कर सकते हैं। मशरूम एक शुद्ध शाकाहारी भोजन है। यह प्रचूर विटामिन का स्रोत है। यह कई बीमारियों में लाभकारी है।

loading...
Loading...

Related Articles